जेल में बंदी की मौत के 3 साल बाद बड़ा खुलासा! आबकारी कर्मचारियों पर हत्या का मामला दर्ज …


जांजगीर-चांपा। जिला जेल जांजगीर में विचाराधीन बंदी की मौत के करीब तीन साल बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जांजगीर-चांपा पुलिस ने संबंधित आबकारी कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या और साझा आशय से जुड़े आरोपों में अपराध दर्ज किया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है। पुलिस के अनुसार, नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कटौद निवासी जगदीश गोंड (30) की मौत वर्ष 2022 में हुई थी। इस मामले में थाना जांजगीर में मर्ग क्रमांक 45/2022 के तहत जांच की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि 15 अप्रैल 2022 को आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने केरा-बिर्रा मार्ग पर देवरी मोड़ के पास कार्रवाई करते हुए जगदीश गोंड और महादेव गोंड को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर में दाखिल कराया गया था। अगले ही दिन जगदीश की तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई।
पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक, जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में दर्ज चोटों के आधार पर जेल में दाखिल करने से पहले आबकारी कर्मचारियों द्वारा जगदीश के साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई। जांच प्रतिवेदन में इसी मारपीट को मौत का कारण बताया गया है।
जांच के आधार पर थाना नवागढ़ में संबंधित आबकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम विवेचना जारी है। अब जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



