

जांजगीर-चांपा। जिले में इन दिनों केजव्हील (लोहे के पहिए) वाले ट्रैक्टर सड़कों की हालत बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ऐसे वाहनों पर कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है, इसके बावजूद यातायात पुलिस की नजर इन पर नहीं पड़ रही है। कार्रवाई नहीं होने से ट्रैक्टर संचालकों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और सड़कों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।


जानकारी के अनुसार वर्तमान में रबी फसल के लिए नहरों से पानी छोड़ा गया है। नवागढ़, अकलतरा और पामगढ़ ब्लाक के लगभग चार दर्जन गांवों में किसान खेतों की जुताई में जुटे हुए हैं। जुताई के लिए बड़ी संख्या में केजव्हील वाले ट्रैक्टरों का उपयोग किया जा रहा है। खेतों में काम करने के बाद यही ट्रैक्टर मुख्य सड़कों से होकर एक स्थान से दूसरे स्थान जाते हैं, जिससे पक्की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
इन ट्रैक्टरों के पहियों में लगी मिट्टी सड़कों पर गिरने से सड़कें कीचड़ और धूल से पट जा रही हैं। इससे न केवल सड़क की सतह खराब हो रही है, बल्कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूल के गुबार से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
बुड़ेना और जगमहंत में बढ़ा विवाद – नवागढ़ ब्लाक के बुड़ेना और जगमहंत गांवों में डबल केजव्हील वाले ट्रैक्टरों के उपयोग को लेकर किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। किसानों ने आपसी सहमति से डबल केजव्हील वाले वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया था, इसके बावजूद कुछ किसान नियमों की अनदेखी कर इन वाहनों से जुताई कर रहे हैं। इससे गांवों में आपसी मतभेद और तनाव बढ़ रहा है।

किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि सिंगल केजव्हील वाले ट्रैक्टरों का ही उपयोग किया जाए, ताकि सड़कें सुरक्षित रहें और विवाद की स्थिति न बने। लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और केजव्हील वाले ट्रैक्टरों के सड़कों पर चलने पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे सड़कों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों की परेशानी भी कम हो सके।









