Uncategorized

समस्त भय से मुक्ति देती हैं मां कालरात्रि – पं. अतुल द्विवेदी …

चांपा। नगर की कुलदेवी मां समलेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर में प्रतिदिन मां समलेश्वरी के समक्ष दुर्गासप्तशती का पाठ किया जा रहा है। वहीं, मां के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

मंदिर के पुजारी पं. अतुल कृष्ण द्विवेदी के अनुसार, नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस अवसर पर 17 अक्टूबर शनिवार की मध्यरात्रि 11 बजे मां समलेश्वरी के समक्ष श्रद्धालुओं द्वारा श्वेत बलि स्वरूप नींबू की माला अर्पित की जाएगी।

पं. अतुल कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि देवी उपासना की परंपरा में नींबू की माला अर्पित करने की विशेष मान्यता है। धार्मिक आख्यानों के अनुसार, प्राचीन काल में मां काली को प्रसन्न करने के लिए बलि और नरमुंडों की माला अर्पित किए जाने का उल्लेख मिलता है। वर्तमान समय में इस परंपरा के प्रतीकात्मक स्वरूप के रूप में मां को नींबू की माला अर्पित की जाती है। श्रद्धालु इसे मां के रौद्र स्वरूप की आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का माध्यम मानते हैं।

पं. द्विवेदी के अनुसार, मां दुर्गा का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि हैं। धार्मिक मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों के भय और संकटों को दूर करती हैं तथा उन्हें साहस और शक्ति प्रदान करती हैं। नवरात्रि की सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।

Related Articles