राखी के पवित्र बंधन से साइबर सुरक्षा का संकल्प, जिले में 1.50 लाख से अधिक लोगों को बांधी गई ‘साइबर जागृति की राखी’ …


जांजगीर-चांपा। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस ने जनजागरूकता की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान का जिलेभर में ऐतिहासिक शुभारंभ किया। अभियान के तहत जिले के 432 गांवों सहित शहरी वार्डों, शासकीय कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और शासकीय कार्यालयों में करीब 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी गई।
जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन जांजगीर स्थित ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर जनमेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान राखी के पवित्र बंधन को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए लोगों को साइबर अपराधों से बचने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।

432 गांवों में एक साथ गूंजा साइबर सुरक्षा का संदेश – जांजगीर-चांपा पुलिस के अनुसार जिले के 432 गांवों में एक साथ साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिसकर्मियों, ग्राम कोटवारों और महिला कमांडो ने लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी तथा साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। शहर से लेकर गांव तक इस अभियान के जरिए आम लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
फर्जी लिंक, OTP और बैंक डिटेल को लेकर किया जागरूक – अभियान के दौरान लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान कॉल पर OTP, बैंक संबंधी जानकारी या निजी जानकारी साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी पहल – अभियान की व्यापकता और एक साथ आयोजित कार्यक्रमों के सत्यापन के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा को आमंत्रित किया गया था। उनके द्वारा जिलेभर में चलाए गए अभियान का सत्यापन किया गया। पुलिस के अनुसार यह पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने जा रही है। कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी पुलिस अधीक्षक को प्रदान किया गया।
महिला कमांडो, स्व सहायता समूह और जेल बंदियों का योगदान
‘साइबर जागृति की राखी’ तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व सहायता समूह तथा जिला जेल के कैदियों ने भी योगदान दिया। इस सामूहिक प्रयास के माध्यम से साइबर सुरक्षा के संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।

पुलिस अधीक्षक ने दिया सुरक्षा का संदेश – पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिस प्रकार राखी बहन की रक्षा का संकल्प दिलाती है, उसी प्रकार ‘साइबर जागृति की राखी’ हम सभी को एक-दूसरे को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाती है। उन्होंने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी पुलिस को देने की अपील की।
‘राखी का बंधन, साइबर सुरक्षा का संकल्प’ – जांजगीर-चांपा पुलिस की इस पहल ने रक्षाबंधन के भावनात्मक पर्व को जनसुरक्षा से जोड़ते हुए गांव से शहर तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाया। अभियान का संदेश रहा— “राखी का बंधन, साइबर सुरक्षा का संकल्प—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”

