पोषण पखवाड़ा के तहत जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अन्नप्राशन संस्कार एवं जागरूकता रैली का किया गया आयोजन …






जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक सभी परियोजनाओं के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनीता अग्रवाल ने बताया कि आज बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में भव्य अन्नप्राशन संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, माता-पिता और स्व सहायता समूहों की उपस्थिति में बच्चों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ नन्हें बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। उपरी आहार की शुरुआत के अंतर्गत 6 माह की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को माँ के दूध के साथ-साथ पूरक आहार जैसे दलिया, खिचड़ी, मसले हुए फल और सब्जियों की आवश्यकता के बारे में पालकों को जागरूक किया गया।


कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित महिलाओं को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम 1000 दिन के महत्व, स्वच्छता और संतुलित आहार के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पोषण आहार की जानकारी देते हुए स्थानीय सब्जी मूंग, पालक, कद्दू, लौकी तथा फल केला, आंवला, नींबू, जामुन, बिही, आम, पपीता को प्रतिदिन आहार में शामिल करने की जानकारी दी गई। दूध, दही, अंडा एवं अन्य सामग्री भुना चना, गुड़, मूंगफली आसानी उपलब्ध सभी खाद्य पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा उपयोग एवं अंकुरित चना, मूंग, खीरा, टमाटर को प्रतिदिन आहार में शामिल करने की जानकारी प्रदान की गई।



जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मोटे अनाज चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा जो शरीर में ऊर्जा देते हैं व सभी प्रकार की दालें जो शरीर के निर्माण के लिए आवश्यक प्रोटीन प्रदान करती हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा अन्नप्राशन कराने के पश्चात पर्यवेक्षक ने बताया कि बच्चों का 6 माह की आयु पूर्ण होते ही अन्नप्राशन कर चार-पांच नरम आहार प्रतिदिन बच्चों को देने से एवं दो वर्ष तक माँ का स्तनपान कराने से बच्चा कुपोषण रहित रहेगा। इसके साथ ही पोषण पखवाड़ा हेतु रैली निकाली गई एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया गया। यह आयोजन जिले के कुपोषण दर को कम करने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम है।







