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संत रामपाल महाराज के सत्संग का आयोजन, द्वादश अक्षर मंत्र की व्याख्या की गई …

जांजगीर-चांपा। जिले के नगर पंचायत सारागांव स्थित आशीष भवन में 18 अक्टूबर, रविवार को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज के सानिध्य में प्रोजेक्टर के माध्यम से एकदिवसीय आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सत्संग के दौरान धार्मिक ग्रंथों के संदर्भ में द्वादश अक्षर मंत्र की व्याख्या की गई तथा आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रकाश डाला गया।

आयोजकों के अनुसार, सत्संग में वैष्णव परंपरा में प्रचलित ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र और द्वादशाक्षरी मंत्र के स्वरूप को लेकर संत रामपाल महाराज की व्याख्या प्रस्तुत की गई। इसमें रामचरितमानस के बालकांड की चौपाई का उल्लेख करते हुए मंत्र के वास्तविक स्वरूप को समझाने का प्रयास किया गया साथ ही संत गरीबदास महाराज की अमृतवाणी, घट रामायण तथा अन्य धार्मिक ग्रंथों के संदर्भ भी प्रस्तुत किए गए। सत्संग में मानव शरीर के विभिन्न चक्रों और उनमें देवी-देवताओं के निवास से संबंधित मान्यताओं की जानकारी दी गई। वक्तव्य में गणेश, ब्रह्मा, विष्णु, शिव और देवी दुर्गा से संबंधित आध्यात्मिक अवधारणाओं तथा उनके मंत्रों के जाप का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही भगवद्गीता के अध्याय 17, श्लोक 23 के संदर्भ में ‘ॐ तत् सत्’ के आध्यात्मिक अर्थ की व्याख्या भी की गई।

आयोजकों ने बताया कि संत रामपाल महाराज के मार्गदर्शन में जरूरतमंदों को भोजन, गरीब परिवारों की सहायता, दहेजमुक्त विवाह, रक्तदान, नशामुक्ति और आपदा राहत जैसे समाजसेवा के कार्य भी किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य समाज में मानवता, सद्भाव और परोपकार की भावना को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक प्रवचन सुने और धार्मिक विषयों पर प्रस्तुत जानकारी प्राप्त की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को धार्मिक ग्रंथों के प्रति जागरूक करना और आध्यात्मिक विचारों से जोड़ना बताया गया।

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