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पट्टे की जमीन पर घर बनाने पर रोक, गरीब परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर …

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के रहौद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत धरदेई से एक गरीब परिवार की पीड़ा सामने आई है। वर्षों से पट्टे की जमीन पर रह रहा यह परिवार आज खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने उनके निर्माणाधीन मकान पर रोक लगा दी, जिससे पूरा परिवार बेघर हो गया।

पीड़ित राजकुमार रोहिदास ने बताया कि उनके परिवार के पास जमीन का पुराना पट्टा मौजूद है। इसी जमीन पर उनके पूर्वज कई वर्षों से कच्चे मकान में निवास कर रहे थे। पुराने और जर्जर मकान की हालत खराब होने पर परिवार ने मेहनत-मजदूरी कर उसे तोड़कर नया पक्का मकान बनाना शुरू किया था। निर्माण कार्य अभी प्रारंभिक चरण में ही था कि कुछ लोगों द्वारा की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने काम रुकवा दिया। मकान निर्माण रुकने के बाद परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग तेज धूप, आंधी और बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घरेलू सामान बाहर पड़ा हुआ है, जिससे परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि उनके नाम पर बिजली कनेक्शन और नियमित बिजली बिल भी जारी होता रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि वे लंबे समय से उसी स्थान पर निवासरत हैं। पीड़ित अंजू रोहिदास और जीवन लाल रोहिदास ने प्रशासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मकान निर्माण पुनः शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब होने के कारण उनकी बात नहीं सुनी जा रही और वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

फिलहाल यह मामला रहौद तहसील कार्यालय में लंबित बताया जा रहा है। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पीड़ित परिवार को राहत दिलाने और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

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