

जांजगीर-चांपा। जिले में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बिसाहू दास महंत शासकीय चिकित्सालय चांपा में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार खरे को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रशस्ति पत्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदान किया गया।


इस अवसर पर डॉ. खरे ने कहा कि आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जो लगभग 5000 वर्षों से मानव स्वास्थ्य की सेवा कर रही है। आयुर्वेदिक औषधियों का नियमित सेवन शरीर पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं डालता, यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने बताया कि आयुष मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार आयुर्वेद सहित आयुष पद्धतियों को शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी प्रोत्साहित कर रही है।
डॉ. मनीष कुमार खरे छत्तीसगढ़ अंचल के जाने-माने आयुर्वेद चिकित्सक हैं। वे आयुर्वेद की त्रिदोष आधारित चिकित्सा पद्धति—वात, पित्त और कफ—में विशेष दक्षता रखते हैं। उनके अनुभव और ज्ञान से सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। जटिल से जटिल रोगों का सफल उपचार कर उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा को नई पहचान दिलाई है।
जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने डॉ. खरे के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका सम्मान केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि चांपा नगर एवं जिले के लिए भी गौरव की बात है। समारोह में जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर दैनिक राजधानी परिवार सहित जिलेवासियों ने डॉ. मनीष कुमार खरे को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।









