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प्रदेश बजट से कांग्रेस असंतुष्ट, किसानों और जिलों की अनदेखी का आरोप – जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल …

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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्तमंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जांजगीर-चांपा जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनविरोधी, किसान विरोधी और जिले की उपेक्षा करने वाला दस्तावेज बताया है।

राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार एक ओर किसानों के हितैषी होने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर धान खरीदी के मामले में किसानों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदने में आना-कानी की जा रही है और नए-नए नियम व शर्तें लगाकर किसानों को अपनी उपज बेचने से वंचित किया जा रहा है।उन्होंने दावा किया कि धान खरीदी केंद्रों में तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें खड़ी कर किसानों को परेशान किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं, लेकिन बजट में उनके लिए ठोस और भरोसेमंद प्रावधान नजर नहीं आते।

राजेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि वित्तमंत्री ओपी चौधरी इसी जिले के प्रभारी मंत्री हैं, इसके बावजूद जांजगीर-चांपा को बजट में कोई विशेष सौगात नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले की सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य और उद्योग से जुड़ी लंबित मांगों की अनदेखी की गई है।आबकारी नीति को लेकर भी कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की आबकारी नीति विरोधाभासी है—एक ओर राजस्व बढ़ाने के नाम पर शराब बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक दुष्प्रभावों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब नीति से गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बजट और सरकार की नीतियां आम जनता, किसानों और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाएगी।

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