
चांपा। शासकीय एम.एम.आर. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चांपा में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक कौशल संवर्धन के उद्देश्य से महिंद्रा प्राइड क्लासरूम एवं नंदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण 19 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय की 40 छात्राओं ने सहभागिता की। प्रतिस्पर्धी दौर …

चांपा। शासकीय एम.एम.आर. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चांपा में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक कौशल संवर्धन के उद्देश्य से महिंद्रा प्राइड क्लासरूम एवं नंदी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण 19 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय की 40 छात्राओं ने सहभागिता की।
प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल विकास पर दिया गया जोर – कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं व्यावसायिक परिवेश की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान जीवन कौशल, संचार कौशल, प्रस्तुतीकरण, साक्षात्कार, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, टीमवर्क एवं समस्या समाधान जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्राचार्य ने कहा- केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं – कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.पी. खैरवार ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक योग्यता विद्यार्थियों के सफल भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं है। विषयगत ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, नेतृत्व, निर्णय लेने, समय प्रबंधन और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का विकास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायक होगा।
गतिविधियों के माध्यम से दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण – महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के प्रशिक्षक राजेन्द्र प्रसाद विश्वकर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न कौशलों का गतिविधि आधारित अभ्यास कराया। आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, लक्ष्य निर्धारण, निर्णय क्षमता, टीमवर्क, नेतृत्व और तार्किक समस्या समाधान जैसे विषयों पर विद्यार्थियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
संचार और प्रस्तुतीकरण कौशल पर विशेष फोकस – प्रशिक्षण के दौरान प्रभावी संचार पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अपनी बात स्पष्ट एवं आत्मविश्वास के साथ रखने, ध्यानपूर्वक सुनने तथा उचित शब्दों के प्रयोग की तकनीक समझाई गई। वहीं समूह चर्चा, तात्कालिक भाषण और प्रस्तुतीकरण जैसी गतिविधियों के जरिए मंच पर बोलने एवं अपने विचार प्रभावी ढंग से रखने का अभ्यास कराया गया।

मॉक इंटरव्यू से समझी साक्षात्कार की बारीकियां – विद्यार्थियों को साक्षात्कार कौशल एवं व्यावसायिक व्यक्तित्व के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। मॉक इंटरव्यू के माध्यम से उन्हें वास्तविक साक्षात्कार जैसी परिस्थितियों का अनुभव कराया गया। प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन का आकलन कर आवश्यक सुधार के सुझाव भी दिए।
टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का कराया अभ्यास – समूह आधारित गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को सहयोग, जिम्मेदारी, निर्णय लेने और सामूहिक रूप से कार्य पूरा करने का अवसर दिया गया। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता एवं सहयोगात्मक व्यवहार विकसित करने पर जोर दिया गया।
समय प्रबंधन और वित्तीय जागरूकता की भी दी जानकारी – प्रशिक्षण में समय प्रबंधन, वित्तीय जागरूकता, समस्या समाधान एवं आलोचनात्मक चिंतन जैसे विषय भी शामिल रहे। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने, कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा आय-व्यय का संतुलन बनाए रखने के संबंध में जानकारी दी गई।
नोडल अधिकारी की रही महत्वपूर्ण भूमिका – कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. एच.पी. खैरवार के मार्गदर्शन में हुआ। नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी चंद्रा ने प्रशिक्षण के संचालन, विद्यार्थियों की सहभागिता एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक डॉ. नीलिमा पाण्डेय एवं विवेक जायसवाल सहित महाविद्यालय के अन्य सदस्यों की सहभागिता रही।

