

जांजगीर-चांपा/बम्हनीडीह। तहसील बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत सोठी और पुछेली में हसदेव नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन का कारोबार खुलेआम चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जेसीबी मशीन और हाइवा ट्रकों के माध्यम से रोजाना भारी मात्रा में रेत निकाली जा रही है और बिना रायल्टी के बिलासपुर, कोरबा एवं अन्य जिलों तक सप्लाई की जा रही है। इस पूरे गोरखधंधे में रेत माफियाओं का इतना दबदबा है कि खनिज विभाग के कर्मचारी कार्रवाई करने के बजाय खुद मुखबिरी कर रहे हैं, जिससे विभाग पहुँचने से पहले ही रेत माफियाओं को सूचना मिल जाती है और वे तस्करी रोककर छुप जाते हैं।


खनिज विभाग की कार्रवाई पर सवाल, परिवहन विभाग भी ‘मौन’ – स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सोठी से रोजाना करीब 20 हाइवा रेत का अवैध परिवहन हो रहा है। इसके बावजूद खनिज विभाग और परिवहन विभाग इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि हथनेवरा चौक पर 24 घंटे यातायात और परिवहन अमला तैनात रहता है, फिर भी रेत लदे भारी वाहनों को बिना कार्रवाई के निकलते हुए देखा जा सकता है। इससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं मिलीभगत का खेल चल रहा है।

सूत्रों का खुलासा: खनिज विभाग के कर्मचारी ही कर रहे हैं सूचना पास – सूत्रों के मुताबिक सोठी के रेत माफियाओं से खनिज विभाग में कार्यरत कुछ कर्मचारी मिलीभगत कर रहे हैं। जैसे ही विभाग की उड़नदस्ता टीम इलाके की ओर निकलती है, उसी समय रेत माफियाओं को संदेश भेज दिया जाता है, जिससे अवैध कारोबार चलाने वाले सतर्क हो जाते हैं और कार्रवाई की संभावना खत्म हो जाती है।
पुछेली में तीन जेसीबी 24 घंटे रेत निकालने में व्यस्त – वहीं ग्राम पंचायत पुछेली में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। यहां तीन-तीन जेसीबी मशीनें लगातार हसदेव नदी से रेत निकाल रही हैं। केवल दो-चार छोटे ट्रैक्टर पकड़कर विभाग वाहवाही लूटता नजर आता है, जबकि असली बड़े कारोबारी खुलेआम तस्करी कर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। बताया जाता है कि पिछले 1-2 वर्षों में यहां के छोटे रेत कारोबारियों ने भी हाइवा से लेकर जेसीबी तक खरीद लिए हैं और अब बड़े पैमाने पर रेत का अवैध व्यापार कर रहे हैं।
कन्हैयालाल पटेल, सरपंच ग्राम पंचायत सोठी – खनिज विभाग में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से रेत माफियाओं का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है।”
पवन कोसमा, एसडीएम चाम्पा – “मैं और बम्हनीडीह तहसीलदार लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कई जेसीबी और हाइवा जब्त कर थाना में सुपुर्द किए गए हैं। मैं अभी बाहर हूं, वापस आने के बाद सोठी और पुछेली में भी कार्रवाई की जाएगी।”
इस पूरे प्रकरण से यह साफ है कि जब तक प्रशासनिक कार्रवाई पारदर्शिता और कठोरता से नहीं की जाएगी, तब तक हसदेव नदी की रेत दोहन की यह लूट बिना रुके जारी रहेगी। फिलहाल लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शासन इस अवैध उत्खनन को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगा या फिर रेत माफियाओं का यह नेटवर्क यूं ही चलता रहेगा।






