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बाल विवाह की सूचना पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई — नाबालिग बालिका का रोका गया विवाह …

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जांजगीर चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में बाल विवाह की सूचना पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती अनिता अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने ग्राम बारगांव (पामगढ़) पहुंचकर संभावित बाल विवाह की जांच की।

जांच के दौरान बालिका की अंकसूची का परीक्षण किया गया, जिसमें उसकी आयु 17 वर्ष 06 माह 24 दिन पाई गई जो विवाह की निर्धारित आयु सीमा से कम थी। इस पर विभागीय दल ने बालिका, माता-पिता एवं स्थानीय ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी। समझाइश के बाद स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बालिका के माता-पिता की सहमति से विवाह को रोक दिया गया तथा बाल विवाह न करने संबंधी घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर किए।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह आयु — 18 वर्ष, लड़के की न्यूनतम विवाह आयु — 21 वर्ष नियमानुसार निर्धारित उम्र से कम विवाह कराने पर
माता-पिता, रिश्तेदार, विवाह में सहयोग करने वाले व्यक्ति एवं विवाह संपन्न कराने वाले पूजारी के विरुद्ध केस दर्ज किया जा सकता है। दंड स्वरूप 02 वर्ष का सश्रम कारावास, ₹1 लाख का जुर्माना, अथवा दोनों का प्रावधान है। 
इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन जिला जांजगीर-चांपा के समन्वयक विष्णु श्रीवास, परामर्शदाता श्रीमती अल्का फॉक, सुपरवाइजर भूपेश कश्यप, सेक्टर सुपरवाइजर मनीषा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महेन्द्र कुमारी दिनकर, ग्राम सरपंच कुमारी बाई नट, पंचायत सचिव दुलीचंद साहू एवं कोटवार राजेश दास महंत उपस्थित थे।

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