

चांपा। सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित सप्त शक्ति संगम का समापन समारोह सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपा में गरिमामय रूप से संपन्न हुआ।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. धनेश्वरी जागृति, विशिष्ट अतिथि श्रीमती हंसा राठी, अध्यक्षता डॉ. मीनाक्षी चन्द्रा तथा मुख्य वक्ता श्रीमती दिव्या चंदेल रहीं। अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यालय की वरिष्ठ दीदी श्रीमती कल्पना यादव एवं श्रीमती वंदना सोनी ने कुमकुम, अक्षय एवं श्रीफल से अतिथियों का स्वागत किया। प्रांत के कार्यक्रम का प्रतिवेदन श्रीमती दयामती यादव द्वारा प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. धनेश्वरी जागृति ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी में ऐसी शक्तियां निहित हैं, जिनके बल पर वह पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सामाजिक क्षेत्र में भी प्रभावी भूमिका निभा रही है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती हंसा राठी ने मातृत्व की तपोशक्ति, मोबाइल के दुरुपयोग तथा स्वर्ण प्राशन के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. मीनाक्षी चन्द्रा ने इसे शक्ति का उत्सव बताते हुए संयुक्त परिवार की महत्ता और संस्कृति संरक्षण में मातृशक्ति की भूमिका रेखांकित की। मुख्य वक्ता श्रीमती दिव्या चंदेल ने सप्त शक्ति संगम के उद्देश्यों एवं आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत को भारत बनाने में नारी शक्ति की केंद्रीय भूमिका रही है।

यह कार्यक्रम 5 अक्टूबर 2025 को रानी दुर्गावती जयंती से प्रारंभ होकर 19 फरवरी 2026 को परम पूज्य गुरुजी की जयंती तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम के लिए श्रीमती सरिता साहू का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर श्रीमती ऊषा देवांगन ने उपस्थित मातृशक्ति को संकल्प दिलाया। आभार प्रदर्शन श्रीमती नीरा आदित्य द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन श्रीमती ललिता तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में लगभग 170 मातृशक्तियों की सहभागिता रही। आयोजन की सफलता में विद्यालय की सभी दीदियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उक्त जानकारी प्रचार प्रसार प्रमुख पुरुषोत्तम देवांगन ने दी।








