



जांजगीर-चांपा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षकों ने राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। रामलीला मैदान में आयोजित इस महा-रैली में देश के कोने-कोने से शिक्षक संगठनों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, रैली में करीब 26 लाख शिक्षक शामिल हुए, जिससे पूरा मैदान शिक्षकों के नारों से गूंज उठा।


रैली का मुख्य उद्देश्य टेट की अनिवार्यता को समाप्त करना और वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना रहा। शिक्षकों का कहना है कि टेट जैसी परीक्षा अनुभव और सेवा की उपेक्षा करती है तथा इससे लाखों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।छत्तीसगढ़ से भी इस आंदोलन में उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। राज्य से लगभग 80 टेट अनुत्तीर्ण शिक्षक दिल्ली पहुंचे और अपनी मांगों को मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से शिक्षा सेवा में कार्यरत हैं, लेकिन टेट के कारण भविष्य अनिश्चित हो गया है।


रैली में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से टेट नियमों की समीक्षा करने, वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने और शिक्षकों के हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।








