



चांपा। स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सालय में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने तथा उसमें नाम-पता या अन्य विवरणों में सुधार के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आ रहा है। अस्पताल के संबंधित शाखा में कार्यरत एक कम्प्यूटर ऑपरेटर पर लोगों से 200-200 रुपये की अवैध राशि लेने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं


स्थानीय लोगों का आरोप है कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले नागरिकों से कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा खुलेआम पैसे मांगे जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति राशि देने में आनाकानी करता है तो उसका कार्य लंबित रखा जाता है या फिर प्रमाण पत्र जारी करने में अनावश्यक देरी की जाती है। पीड़ितों का यह भी कहना है कि कई मामलों में जानबूझकर नाम, पता या अन्य आवश्यक विवरणों में गलतियां कर दी जाती हैं। बाद में उन गलतियों को सुधारने के नाम पर फिर से 200 रुपये की मांग की जाती है। इस तरह एक ही प्रमाण पत्र के लिए लोगों से दो-दो बार राशि वसूली किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि, ग्रामीण एवं आम नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए मजबूरी में यह राशि देनी पड़ रही है। कई लोग इस अवैध वसूली से परेशान हैं।


BDM हॉस्पिटल में जमकर मनमानी – स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में इस प्रकार की अवैध वसूली गंभीर मामला है। लोगों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल – लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद अब तक इस मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानकर भी अनदेखी की जा रही है। यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं हुई तो आम जनता से जुड़ी इस सेवा में भ्रष्टाचार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।








