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30 साल के लीज को 5 साल में ही डोलोमाईट खनन कर गुरुश्री मिनरल्स ने शासन को लगाया करोड़ो रूपये का चूना …

🔴 सूचना के अधिकार द्वारा प्राप्त जानकारी में हुआ मामले का खुलासा,प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कलेक्टर से हुई रॉयल्टी चोरी और अवैध उत्खनन की शिकायत …

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जांजगीर/जैजैपुर। जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत छितापड़रिया के खसरा नंबर 5/2 रकबा 4.990 पर राज्य सरकार द्वारा गुरुश्री मिनरल्स डोलोमाईट खनन के लिए पट्टा जारी किया गया था। जिसमे पूर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर करीब 34 लाख टन डोलोमाईट खनिज संपदा होने का उल्लेख किया गया था। जिसके उत्खनन के लिए गुरुश्री मिनरल्स को 30 साल के लिए लीज पर दिया गया था। लेकिन गुरुश्री मिनरल्स के संचालक मुकेश बंसल ने खनिज विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत करते हुए 30 साल के लीज वाले खदान की डोलोमाईट का उत्खनन 5 साल में कर खदान को खाली कर दिया। इतना ही नही गुरुश्री मिनरल्स के संचालक ने सरकार को धोखे में रखते हुए महज 4 लाख 81 हजार 505 टन की ही रॉयल्टी खनिज विभाग में जमा किया है। जबकि शासन से जिस खसरा नंबर पर डोलोमाईट खनन की लीज जारी किया गया था। उस स्थान पर वर्तमान में विशाल गड्डा बन पानी भर गया है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत छितापड़रिया के खसरा नंबर 5/2 रकबा 4.990 पर 30 साल के लिए डोलोमाईट खनन का लीज दिया गया था। जहां पर विभागीय पूर्वेक्षण के आधार पर 34 लाख टन डोलोमाईट खनिज संपदा होने का अनुमान लगाया था। लेकिन गुरुश्री मिनरल्स के संचालक ने पूरा खदान खाली कर दिया और रायल्टी के नाम पर खनिज विभाग को 4 लाख 81 हजार 505 टन ही जमा किया जिसकी कीमत 6 करोड़ 68 लाख 92 हजार 205 रुपये है। जबकि खदान पूर्ण रूप से खाली हो गया है। यानी गुरुश्री मिनरल्स ने खदान से पूरा 34 लाख टन डोलोमाईट का का खनन कर सिर्फ 4 लाख टन का रायल्टी जमा कर सरकार को करोड़ो रूपये की चुना लगाया है। जिसमे विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से भी इंकार नही किया जा सकता है। अगर विभागीय अधिकारी खदान में होने वाली डोलोमाईट की उत्खनन और रायल्टी की निगरानी करते तो शासन को करोड़ो रूपये का राजस्व नुकसान नही होता। शासन को होने वाली राजस्व हानि हो सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार युवा कांग्रेस नेता दीपक राय ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर से शिकायत करते हुए खाली हुए खदान की भौतिक सत्यापन करने की मांग किया है।

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शिकायत के बाद बढ़ गई भंडारण क्षमता – गुरुश्री मिनरल्स के साथ खनिज विभाग के अधिकारियों के बीच किस तरह सांठ गांठ है उसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते है। जिसमे बीते साल 30 नवंबर को जब शिकायकर्ता दीपक राय ने गुरुश्री मिनरल्स द्वारा 40 हजार टन भंडारण की क्षमता में 2 लाख टन से अधिक डोलोमाईट भंडारण का शिकायत करने के बाद खनिज विभाग द्वारा क्या कार्रवाई किया इसकी जानकारी तो नही बताई। लेकिन उल्टा भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 40 हजार से 2 लाख टन कर दिए। जबकि शिकायत के बाद गुरुश्री मिनरल्स के द्वारा 10 रेक लगवाकर डोलोमाईट का रेलवे द्वारा परिवहन करवा दिया। जबकि रेक की बात करे तो एक रेक में ही 4 हजार टन का परिवहन हो जाता है। ऐसे में 10 रेक का 4 हजार के हिसाब से देखे तो 40 हजार हो जाता है। कुल मिलाकर देखे तो गुरुश्री द्वारा शासन को राजस्व की हानि कराने में खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का बराबर सहयोग की भूमिका को नकारा नही जा सकता है।

भौतिक सत्यापन में उजागर हो जायेगा अवैध उत्खनन रायल्टी चोरी का खेल – पूरे मामले के शिकायकर्ता दीपक राय ने अपने शिकायत में दीपक राय ने ग्राम पंचायत छितापड़रिया के खदान में हुई डोलोमाईट के अवैध उत्खनन और रायल्टी चोरी के मामले में अधिकारियों से मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करने की मांग की है। शिकायतकर्ता की मानें तो अधिकारी मौके पर जाकर निष्पक्ष रूप से खदान का भौतिक सत्यापन एवं जांच करने पर अवैध उत्खनन और रायल्टी चोरी मामला उजागर हो जायेगा। इसके साथ ही रायल्टी चोरी के चलते शासन को होने वाली करोड़ो रूपये के राजस्व की भरपाई भी हो जायेगा।

सन 2017 से सन 2047 तक होना था खनन – आपको बता छितापड़रिया के खदान में डोलोमाईट का उत्खनन करने के लिए गुरुश्री मिनरल्स को सन 2017 से सन 2047 तीस साल के लिए लीज में मिला था। जहां इनको 34 लाख टन डोलोमाईट का उत्खनन करना था। लेकिन इन्होंने सिर्फ 5 साल 2021 में ही पूरा खदान खाली कर दिया और शासन को रायल्टी के नाम पर महज 4 लाख 81 हजार 5 सौ 5 टन ही जारी किए। तो वही दूसरी ओर इनके द्वारा शासन को जारी किए रायल्टी की कीमत 6 करोड़ 68 लाख 92 हजार 2 सौ 5 रुपया ही है। जबकि वर्तमान में खनन स्थल को जाकर देखने से वहां पर विशाल खदान गड्डा बन गया है जिसमे जल भराव हो गया है।

गुरुश्री मिनरल्स के द्वारा छितापड़रिया के खदान में जमकर रायल्टी की चोरी कर अवैध उत्खनन करते हुए शासन को करोड़ो रूपये के राजस्व का नुकसान किया है इसकी शिकायत मेरे द्वारा मुख्यमंत्री के अलावा जिले के कलेक्टर से करते हुए खदान का भौतिक सत्यापन करने की मांग किया है – दीपक राय,जिला महासचिव युवा कांग्रेस सक्ती…

मामले की शिकायत मिली है समय या फिर पांच वर्ष में माइनिंग प्लान चेंज होता रहता है। फिर इस मामले की शिकायत के आधार जांच करवाया जाएगा जांच में यदि गलत पाया जाता है। तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जायेगी – के.के.बंजारे,खनिज अधिकारी सक्ती

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