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वन विभाग ने नागरिकों से की सावधानी अपनाने की अपील …

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जांजगीर-चांपा। 28 अक्टूबर 2025 को मड़वा पॉवर प्लांट परिसर में लगाए गए सुरक्षा कैमरों में आज एक तेन्दुए की स्पष्ट रूप से उपस्थिति दर्ज की गई है। वन विभाग की टीम द्वारा तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण किया गया है तथा आस-पास के ग्रामों को सतर्क किया जा रहा है। यह उल्लेखनीय है कि तेन्दुआ छत्तीसगढ़ राज्य के वन क्षेत्रों में सामान्य रूप से पाया जाने वाला वन्यजीव है। शीत ऋतु के आगमन पर शिकार की गतिशीलता एवं मौसम परिवर्तन के कारण ऐसे वन्यजीवों का जंगलों से सटे मानव क्षेत्रों में आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अतः इस घटना से अत्यधिक भयमीत होने की आवश्यकता नहीं है।

वन विभाग नागरिकों से निम्न सावधानियाँ अपनाने की अपील – वृद्धजन एवं बालक-बालिकाएँ प्रातः काल एवं सायंकाल के समय अकेले बाहर न निकलें। खुले में शौच करने से परहेज करें, क्योकि इससे वन्यजीवों से अनावश्यक आमना-सामना हो सकता है। पशुपालक एवं पशुधन धारक व्यक्ति (जैसे बकरी, मुर्गी, सुअर आदि पालने वाले) अपने पशुओं को रात्रि के समय सुरक्षित बाड़े या घेरों में रखें। पालतू कुत्ते या बिल्ली रखने वाले व्यक्ति अपने पालतू पशुओं को रात्रि में घर के अंदर रखें। किसी भी स्थिति में वन्यजीव को चिढ़ाने, डराने, पत्थर फेंकने, जीवित तारों का प्रयोग करने जैसे कृत्य न करें। ये कार्य वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा के अंतर्गत शिकार की श्रेणी में आते है और इसके लिए कठोर दण्ड का प्रावधान है।

तेन्दुआ एक मानव परिहारक प्राणी है। यह सामान्यतः मनुष्यों को नुकसान नहीं पहुंचाता। सम्भवतः यह तेन्दुआ भोजन अथवा आश्रय की खोज में अपने प्राकृतिक आवास से भटककर इस क्षेत्र में आया हो। अतः इससे छेड़छाड़ न करें और संयम बरतें। यदि किसी स्थान पर तेन्दुए या अन्य वन्यजीव की उपस्थिति दिखाई दे, तो तत्काल सूचना अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों या उड़दस्ता प्रभारी श्री टेकराज सिदार (मो.नं. 8223813383) को दें। वन विभाग क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी कर रहा है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे शांति बनाये रखें, अफवाहों पर ध्यान न दे तथा विभाग द्वारा दिए गये दिशा-निर्देशों का पालन करें। वन्यजीव तेन्दुआ अनुसूची-1 के अंतर्गत संरक्षित वन्यप्राणी है – ऐसे में इसके प्रति संवेदनशीलता, सह-अस्तित्व की भावना एवं संरक्षण की प्रवृत्ति हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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