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भिक्षावृत्ति से शिक्षा की ओर कदम, चार बच्चों का बाल संरक्षण गृह में प्रवेश …

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चांपा। शासकीय प्राथमिक शाला भाटापारा, सारागांव के चार बच्चे, जो कुछ दिन पूर्व भिक्षा मांगते हुए पाए गए थे, उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बाल संरक्षण गृह में प्रवेश कराया गया है। बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में यह प्रयास सफल रहा।

संकुल समन्वयक सुरेश देवांगन एवं शिक्षिका ऋषि राठौर के सतत प्रयासों से तहसीलदार के.के. जायसवाल, नायब तहसीलदार अभिषेक यादव तथा तहसील सारागांव की टीम द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इस कार्य में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, डीएमसी हरी जायसवाल, एपीसी सोनवान जांजगीर, बीईओ रत्ना थवाईत, बीआरसी हीरेंद्र बेहार सहित शिक्षा विभाग की संयुक्त भूमिका रही।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अनीता अग्रवाल तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल के आदेश पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के विष्णु कुमार श्रीवास एवं काउंसलर अलका फाक द्वारा बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बालकों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए समिति द्वारा 3 बालिकाओं को बालिका संरक्षण गृह कोरबा तथा 1 बालक को बाल संरक्षण गृह जांजगीर में प्रवेश दिलाया गया।

उल्लेखनीय है कि 14 दिसंबर से लेकर अब तक संकुल समन्वयक, शिक्षिका एवं तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बच्चों की लगातार निगरानी की जा रही थी, जिसका सार्थक परिणाम आज सामने आया। इस सफल पहल के लिए बाल कल्याण समिति जिला जांजगीर के अध्यक्ष गणेश प्रसाद शर्मा एवं सदस्य अनुराधा शुक्ला, देव प्रसाद वर्मन, तपोधन सिंह सिसोदिया, आरती यादव सहित सभी सदस्यों, साथ ही विशेष सहयोगी दीपचंद देवांगन (सहायक ग्रेड-3, नगर पंचायत सारागांव), उमेश निर्मलकर, शुभम मेहरा (ऑपरेटर, लोक सेवा केंद्र), बद्रीका जगत, प्रदीप राठौर सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया गया है।

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