Uncategorized

प्रशासन–पार्षद आमने-सामने, सीएमओ के आदेश पर भड़का विरोध …

img 20260529 wa00681042270367914848102 Console Corptech

जांजगीर/चांपा। नगर पालिका परिषद अकलतरा में सामान्य सभा की बैठक को लेकर उपजे विवाद ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के आदेश के विरोध में नगर पालिका उपाध्यक्ष दिवाकर राणा सहित 13 पार्षदों ने नगर पालिका कार्यालय के मुख्य द्वार पर करीब तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। पार्षदों का कहना था कि 26 मई को आयोजित सामान्य सभा की बैठक के निर्णय वैध हैं और उन्हें निरस्त कर 29 मई को पुनः बैठक बुलाना नियम विरुद्ध है।

जानकारी के अनुसार 26 मई को नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 88 विषयों का एजेंडा रखा गया था। सात विषयों पर चर्चा के बाद गोपिया तालाब से जुड़ा मामला सामने आया। तालाब की मेढ़ तोड़े जाने के मुद्दे पर नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा विधायक का नाम लिए जाने पर कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर अध्यक्ष बैठक छोड़कर अपने कक्ष में चली गईं। सूत्रों के मुताबिक सीएमओ संजय सिंह ने अध्यक्ष से तीन बार बैठक में लौटकर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद उपस्थित पार्षदों ने उपाध्यक्ष दिवाकर राणा को सभापति नामित कर शेष बैठक संपन्न की और कई प्रस्तावों पर निर्णय लिया।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब अध्यक्ष द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखकर बैठक में व्यवधान और दुर्व्यवहार की शिकायत की गई। इसके बाद सीएमओ ने 29 मई को पुनः सामान्य सभा की बैठक बुलाने का आदेश जारी कर दिया, जिसका उपाध्यक्ष और पार्षदों ने कड़ा विरोध किया। सीएमओ द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि 26 मई की बैठक अध्यक्ष और सदस्यों के बीच बहस के कारण बाधित हुई थी तथा अध्यक्ष द्वारा मौखिक रूप से बैठक स्थगित करने के बाद उनके कक्ष में चले जाने से कार्यवाही प्रभावित हुई। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि दुर्व्यवहार के आरोप निराधार हैं और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। इसी पत्र और नए आदेश के विरोध में शुक्रवार सुबह 10 बजे उपाध्यक्ष व पार्षद धरने पर बैठ गए। सूचना पर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पार्षदों ने साफ कहा कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी लिखित आश्वासन नहीं देंगे, आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम सुमित बघेल और बाद में सीएमओ संजय सिंह धरना स्थल पहुंचे। अधिकारियों और पार्षदों के बीच लंबी चर्चा के बाद सीएमओ द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने पर लगभग तीन घंटे बाद धरना समाप्त हुआधरना प्रदर्शन में उपाध्यक्ष दिवाकर राणा सहित पार्षद सुभद्रा साहू, सुनीता सिंह, राजकुमार अग्रवाल, मुरलीधर मिश्रा, धराराज सिंह चौहान, शेख सितारा टंडन, चंद्रशेखर मिर्चनय, अभिषेक बंजारे, समिता सिन्हा, विजय खांडेल, कमलेश्वर दास वैष्णव, देवनारायण बरेठ और राजकुमार सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Related Articles