



चांपा। आईपीएल मैचों का रोमांच देशभर में सिर चढ़कर बोल रहा है। हर दिन लोग मैच को लेकर उत्साह में डूबे हैं, लेकिन इसी उत्साह की आड़ में चांपा में एक पीढ़ी को बर्बादी की ओर धकेलने वाला सट्टा बाजार चरम पर पहुंच गया है।


खबरों के बाद मचा हड़कंप – चांपा में सट्टा और पुलिस की कथित निष्क्रियता को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद अब सटोरियों में दहशत देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, बीते दो दिनों से लगातार खबरें आने के कारण सटोरियों तक संदेश पहुंच गया है। चर्चा है कि उन्हें उनके शुभचिंतकों के जरिए आगाह किया गया माहौल खराब है, ऊपर से दबाव है, दो-चार दिन संभल कर काम करो या बाहर का रास्ता नाप लो। नगर में यह चर्चा भी जोरों पर है कि ऊपर से टीम आने की बात कहकर सटोरियों को सतर्क किया गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग खुलेआम पुलिस व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं और तरह-तरह की चर्चाएं बाजार में तैर रही हैं।



कुछ सटोरिये भूमिगत, कुछ ने काम रोका – सूत्र बताते हैं कि दबाव के माहौल में कुछ सटोरियों ने शहर छोड़ना बेहतर समझा, जबकि कुछ ने अपने ग्राहकों को साफ कह दिया कि दो-चार दिन काम बंद रहेगा। यह स्थिति खुद इस बात की ओर इशारा करती है कि सट्टा नेटवर्क कितना संगठित और सक्रिय है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि साइबर सेल और चांपा पुलिस ने अब तक न तो एक भी सट्टा पकड़ा है। चांपा शहर को आईपीएल सट्टे का गढ़ माना जाता है, बावजूद इसके एक भी प्रकरण दर्ज न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।रोजाना लाखों–करोड़ों के दांव लगने की चर्चाओं के बीच कार्रवाई पूरी तरह शून्य बताई जा रही है।
एसपी के ट्रेनिंग पर जाते ही खुला खेल? – सूत्रों के मुताबिक, पूर्व एसपी विजय पांडे के हैदराबाद ट्रेनिंग पर जाने के बाद से सट्टा-जुआ कारोबार को जैसे खुली हवा मिल गई। पुलिस और सटोरियों की कथित “सेटिंग” की बातें आम हैं। वहीं नए प्रभारी एसपी के आने के बाद भी सख्त कार्रवाई के संकेत न मिलने से हालात और संदिग्ध हो गए हैं।







