


जांजगीर-चांपा। पामगढ़ विधानसभा के ग्राम कोसला में आयोजित जनचौपाल कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम में जनता द्वारा निर्वाचित विपक्षी विधायक श्रीमती शेषराज हरबंश को केवल राजनीतिक विचारधारा के आधार पर बैठने और सहभागिता से रोके जाने का मामला सामने आया है, जिसे विपक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान बताया है।


विपक्षी दलों का आरोप है कि जनचौपाल जैसे जनहितकारी मंच पर भी सत्ता पक्ष ने संकीर्ण राजनीति करते हुए विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया। विधायक को रोकने और कथित तौर पर अपमानित करने की कोशिश को लोकतंत्र के खिलाफ बताया जा रहा है। नेताओं का कहना है कि यह आचरण न केवल जनप्रतिनिधि का बल्कि उस जनता का भी अपमान है जिसने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा है। कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनचौपाल नहीं बल्कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के संरक्षण में अधिकारियों द्वारा आयोजित “राजनीतिक इवेंट” बनकर रह गया है, जहां केवल सत्ता पक्ष के लोगों को ही मंच और अधिकार दिया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर विपक्षी प्रतिनिधियों को हाशिये पर धकेलने की साजिश की जा रही है।


कांग्रेस ने साफ कहा है कि लोकतंत्र में सम्मान सबका अधिकार है। किसी भी जनप्रतिनिधि का अपमान, जनता और लोकतंत्र का अपमान होता है। विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिशें प्रदेश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और जनचौपाल की निष्पक्षता व उद्देश्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।





