मीटर बंद, फिर भी साढ़े तीन लाख का बिजली बिल, बिना पानी-बिना सप्लाई, फिर भी थमाया लाखों का बिल…




जांजगीर-चांपा। चांपा से लगे ग्राम लखनपुर में विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही और मनमानी ने ग्राम पंचायत को भारी संकट में डाल दिया है। जल जीवन मिशन योजना के तहत लगाए गए मोटरपंप का मीटर बंद होने के बावजूद ग्राम पंचायत को 3 लाख 40 हजार 240 रुपये का बिजली बिल थमा दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि योजना के तहत अब तक ग्रामीणों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ, फिर भी हजारों यूनिट बिजली खपत दिखा दी गई।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत मोटर संचालन के लिए ग्राम पंचायत लखनपुर के नाम से विद्युत मीटर लगाया गया था। बताया जा रहा है कि मोटर कभी चली ही नहीं, इसके बावजूद बिल में 2500 यूनिट बिजली खपत दर्शाई गई है। इससे पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के तहत आज तक गांव में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मोटर बंद रही, तो बिजली खर्च कैसे हो गई? पंचायत पदाधिकारी इस मामले को लेकर असमंजस में हैं और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

बिल पटाने का दबाव, सरपंच परेशान – मामले को लेकर पंचायत पदाधिकारियों का आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा बिल जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। विभागीय अमला यह कहकर भुगतान के लिए बाध्य कर रहा है कि बिल सिस्टम से जनरेट हुआ है और इसे हर हाल में जमा करना होगा। इस दबाव के चलते सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों के हाथ-पांव फूल गए हैं।
पूर्व बकाया जोड़कर बनाया गया भारी भरकम बिल – बिल विवरण के अनुसार, मीटर पूरी तरह बंद होने के बावजूद पूर्व बकाया राशि 3 लाख 31 हजार रुपये जोड़ दी गई है। चालू माह की खपत सहित कुल 3,40,240 रुपये का बिल ग्राम पंचायत को सौंपा गया है। पंचायत पदाधिकारियों ने इस पूरे मामले की जांच कर बिल में सुधार की मांग की है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग – ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और बिना पानी आपूर्ति के भेजे गए बिजली बिल को निरस्त किया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में पंचायतों के साथ ऐसी मनमानी न हो।




