स्मार्ट मीटर में ज्यादा बिजली खपत की शिकायतों पर डॉ. चरणदास महंत ने सीएम को लिखा पत्र …


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली की खपत और बिल में कथित रूप से अत्यधिक वृद्धि की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटरों की तत्काल तकनीकी जांच कराने और प्रमाणित शिकायत वाले उपभोक्ताओं के मीटर बदलने की मांग की है।
पुराने मीटर की तुलना में कई गुना अधिक खपत का आरोप – डॉ. महंत ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और नगरीय निकायों से उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर में कई गुना अधिक बिजली खपत दर्ज हो रही है। कुछ उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि घर के प्रमुख विद्युत उपकरण बंद रहने के बावजूद स्मार्ट मीटर की रीडिंग लगातार बढ़ती रही।
टेस्ट में स्मार्ट मीटर ने दर्ज की 302 यूनिट खपत – डॉ. महंत के पत्र के साथ संलग्न छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, बैकुण्ठपुर के एक पत्र का हवाला देते हुए बताया गया कि 27 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच एक उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर की टेस्ट मीटर से तुलना की गई।
इस परीक्षण में स्मार्ट मीटर में 302 यूनिट, जबकि टेस्ट मीटर में 112 यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई। डॉ. महंत ने इस अंतर को गंभीर बताते हुए स्मार्ट मीटरों की तकनीकी गुणवत्ता और उनकी कार्यप्रणाली की जांच की आवश्यकता जताई है। तकनीकी खामियों की स्वतंत्र जांच की मांग नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मामला केवल एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में स्मार्ट मीटर की प्रोग्रामिंग, सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर सेटिंग्स और तकनीकी सटीकता की स्वतंत्र जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की खरीद से लेकर उनकी प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर की सटीकता की जांच उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति अथवा अधिकृत प्रयोगशाला से कराई जाए।
प्रमाणित शिकायतों वाले मीटर तत्काल बदलने की मांग – डॉ. महंत ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जिन उपभोक्ताओं ने अत्यधिक बिजली खपत की प्रमाणित शिकायतें दर्ज कराई हैं, उनके स्मार्ट मीटर तत्काल बदले जाएं। साथ ही, तकनीकी गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक भार से उन्हें राहत दी जाए।

जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ स्वीकार नहीं – डॉ. महंत ने कहा कि महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिलों के कारण आम जनता, मध्यम वर्ग और गरीब परिवार पहले से परेशान हैं। ऐसे में यदि मीटर की तकनीकी गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं पर गलत या अत्यधिक बिजली बिल का बोझ पड़ता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण और स्मार्ट मीटरों की पारदर्शी तकनीकी जांच सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।



