Uncategorized

जीवनदीप फंड पर सवाल, बीडीएम अस्पताल चांपा में मनमानी भर्तियों का आरोप …

img 20260329 wa00233936241413974679041 Console Corptech

जांजगीर-चांपा। स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सालय एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। इस बार मामला जीवनदीप समिति के फंड के कथित दुरुपयोग और नियमों को दरकिनार कर चहेतों की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

WhatsApp Image 2025 10 13 at 10.02.11 Console CorptechWhatsApp Image 2026 03 12 at 21.38.36 Console Corptech

प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में आवश्यकता से कहीं अधिक नियुक्तियां करने की तैयारी चल रही है। आरोप है कि जीवनदीप समिति के फंड का उपयोग वास्तविक जरूरतों के बजाय मनमानी भर्तियों में किया जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है बल्कि पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता भी संदेह के घेरे में आ गई है।

WhatsApp Image 2026 03 12 at 21.38.37 Console Corptechrajan 2 Console Corptech


फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर उठे सवाल- सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में पहले से ही तीन नियमित फार्मासिस्ट पदस्थ हैं, जो दवा वितरण एवं संबंधित कार्यों को संभाल रहे हैं। इसके बावजूद जीवनदीप समिति के माध्यम से एक और फार्मासिस्ट की भर्ती की तैयारी की जा रही है। जानकारों का कहना है कि यह नियुक्ति न तो आवश्यकता आधारित है और न ही तर्कसंगत, जिससे फंड के अनावश्यक खर्च की बात सामने आ रही है।

दंत सहायक की नियुक्ति भी विवादों में – अस्पताल में दंत चिकित्सा से जुड़े कार्य सीमित होने के बावजूद जीवनदीप समिति के माध्यम से दंत सहायक की नियुक्ति कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब संबंधित कार्य ही नगण्य हैं, तो इस पद पर भर्ती का औचित्य समझ से परे है। इससे जीवनदीप फंड के उपयोग को लेकर संदेह और गहराता जा रहा है।

डीएमएफ कर्मचारी की पुनः भर्ती पर भी सवाल – मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) फंड से कार्यरत एक महिला कर्मचारी को पूर्व में सेवा से हटा दिया गया था। अब उसी कर्मचारी को जीवनदीप समिति के माध्यम से दोबारा भर्ती करने की तैयारी की जा रही है। इस पर भी पक्षपात और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं।

जीवनदीप फंड के उपयोग पर उठे गंभीर प्रश्न – जीवनदीप समिति का उद्देश्य अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार और मरीजों को अतिरिक्त सहयोग प्रदान करना होता है, लेकिन यहां फंड का उपयोग कथित रूप से मनमानी नियुक्तियों के लिए किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शासन-प्रशासन से जांच की मांग – क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं हुई तो शासन को आर्थिक क्षति के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे