


चांपा। भीषण गर्मी से जूझ रहे चांपा नगर में प्रशासनिक लापरवाही अब खुलकर सामने आ रही है। आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि पूरे नगर में एक भी सार्वजनिक पियाऊ केंद्र उपलब्ध नहीं है, जबकि रोज़ाना बड़ी संख्या में ग्रामीणजन इलाज, दवाइयों, खरीदारी और अन्य जरूरी कामों के लिए नगर पहुंचते हैं।


नगर के प्रमुख बरपाली चौक, लायंस चौक,मारुति टाउन शीप, बेरियर चौक, परशुराम चौक, जो अस्पतालों और दवा दुकानों का मुख्य केंद्र के साथ बस यात्री व खरीदादारी के लिए माने जाते हैं, वहां पानी की (पियाऊ सेंटर) कोई नि:शुल्क व्यवस्था नहीं है। तेज धूप और लू के बीच मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को दुकानों से महंगे दामों पर ठंडा पानी खरीदना पड़ रहा है। इलाज के लिए ग्रामीण अंचलों से आए लोगों ने बताया कि अस्पतालों में इंतजार करना पड़ता है, लेकिन पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इस भीषण गर्मी में यह स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। “ग्रामीण हंसी उड़ा रहे है कि चांपा इतना बड़ा शहर है लेकिन वहां एक पियाऊ तक नही खुला है।”

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका को कम से कम प्रमुख चौक-चौराहों पर अस्थायी पियाऊ केंद्र तत्काल शुरू करने चाहिए थे, लेकिन अब तक न तो कोई योजना बनी और न ही कोई पहल की गई। न नगर पालिका प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है और न ही जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं।

इस संबंध में नगर पालिका सीएमओ राम संजीवन सोनवानी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि बस स्टैंड और बीडीएम अस्पताल में वाटर एटीएम लगाए गए हैं। लोग उसमें से पानी पीयें।हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि नगर के अन्य सार्वजनिक स्थानों और चौक-चौराहों पर पियाऊ खोलने को लेकर नगर पालिका की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
भीषण गर्मी के इस दौर में पानी जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव नगर पालिका की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन समय रहते आमजन को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाता है या फिर जनता इसी तरह पानी के लिए भटकती रहेगी।





