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सुशासन तिहार के शिविरों में अधिकारी अनिवार्य रूप से रहें उपस्थित, आमजन की समस्याओं का मौके पर करें निराकरण – कलेक्टर …

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जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों, शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सुशासन तिहार के तहत लगाए जा रहे शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की जानकारी ली तथा शेष शिविरों में सभी जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त अधिक से अधिक प्रकरणों का मौके पर निराकरण किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण करने तथा अधिकारियों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना के आगामी संचालन को लेकर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन के संचालन के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें तथा शिकायतों के निराकरण संबंधी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित रखें, ताकि योजना प्रारंभ होने पर आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सके।

कलेक्टर ने जांजगीर-चांपा निर्माण पोर्टल की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत कार्यों की अद्यतन जानकारी पोर्टल में नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में प्रधानमंत्री सड़क योजना, आंगनबाड़ी भवनों एवं स्कूलों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को टेंडर प्रक्रिया में शासन के भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप संपादित की जाएं, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो सके।

ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले विभागों पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शासकीय फाइलों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जाए तथा विभागीय कार्यों में डिजिटल प्रणाली को प्राथमिकता दी जाए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां कहीं भी पेयजल संबंधी समस्या हो, उसका तत्काल निराकरण किया जाए। नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या आने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कलेक्टर ने बैठक में आयुष्मान कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आगामी खरीफ सीजन की तैयारी, खाद-बीज की उपलब्धता, सहित अन्य विषयों पर समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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