

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए संचालित अंतरजिला एवं स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य एडमिन समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, चैट और घटना में प्रयुक्त स्मार्टफोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार साइबर थाना जांजगीर को सूचना मिली थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव उर्फ सोनू (47) मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में तत्काल रेड कार्रवाई की। पूछताछ में हेमलाल ने BDG ऑनलाइन सट्टा गेम खेलने तथा इससे जुड़े बड़े नेटवर्क की जानकारी दी। उसने बताया कि उसे सट्टा की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा से मिली थी। तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू (45), निवासी शंकर विहार कॉलोनी, लिंक रोड जांजगीर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसके द्वारा BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप की मास्टर आईडी और लिंक व्हाट्सएप के माध्यम से अन्य लोगों तक पहुंचाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क कथित तौर पर मार्केटिंग मॉडल पर संचालित हो रहा था। नीचे नए लोगों को लिंक के जरिए जोड़ने पर एडमिन को कमीशन मिलता था और उनके द्वारा सट्टे में रकम लगाने पर भी ऊपर के स्तर के व्यक्ति को कमीशन प्राप्त होता था।
गिरफ्तार आरोपियों – हेमलाल यादव उर्फ सोनू उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर। शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू उम्र 45 वर्ष निवासी शंकर विहार कॉलोनी लिंक रोड जांजगीर मुख्य एडमिन। महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा वार्ड 07 जांजगीर। राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू ;उम्र 45 वर्ष निवासी हरियाली हेरिटेज के बगल अकलतरा रोड जांजगीर। दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु उम्र 45 वर्ष निवासीर पुराना चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर।हीरालाल यादव उम्र 47 वर्ष निवासी न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर।
शैलेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश, राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू, दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार शैलेंद्र अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेल चुका है तथा लिंक के माध्यम से कई अन्य लोगों को भी इस नेटवर्क से जोड़ चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा ऑनलाइन सट्टे में बड़ी रकम गंवाई गई है।
जांच के दौरान पुलिस को व्हाट्सएप चैट के साथ-साथ USDT (डिजिटल करेंसी) के माध्यम से पैसों के लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों एवं डिजिटल लेन-देन की जांच में 30 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। मामले में दूसरे राज्य से जुड़े कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है। मामले में ऑनलाइन नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की भी जांच जारी है।
जिला पुलिस जांजगीर-चांपा ने आम जनता से ऑनलाइन सट्टा, जुआ और ऐप आधारित वित्तीय धोखाधड़ी के प्रलोभन में नहीं आने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साइबर जागृति अभियान के तहत भी लोगों को संदिग्ध ऐप और APK फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा ऑनलाइन वित्तीय गतिविधियों में सतर्कता बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।



