



जांजगीर-चांपा। चांपा थाना क्षेत्र के एक हरीशंकर गुप्ता नाम का शख्स शेयर टे्रडिंग के नाम पर 100 से अधिक लाभार्थियों का 50 करोड़ रुपए लेकर चंपत हो गया। अब इतनी भारी भरकम रकम पाने के लिए लाभार्थी/निवेशक उसकी तलाश कर रहे हैं लेकिन वह बीते 8 माह से भूमिगत हो चुका है। बड़ी बात यह है कि लाभार्थी थाना में मामले की रिपोर्ट लिखाने जा रहे हैं लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। इसके चलते लाभार्थी परेशान हैं।


हरीशंकर गुप्ता निवासी पोंड़ीकला जो चांपा के मारूती विहार कालोनी में बीते 8-9 साल से निवास करता था। पहले तो उसने शेयर टे्रडिंग के नाम पर लोगों को 3 फीसदी मासिक ब्याज का झांसा देकर 20 से अधिक प्रतिनिधि तैयार किए। इन प्रतिनिधियों से किसी से 10 लाख तो किसी से 20 लाख रुपए लिए और बाकायदा तय समय पर ब्याज की रकम को दे देता था। अच्छा खासा ब्याज मिलने पर उसके ग्राहक बढ़ते गए। इतना ही नहीं ब्याज के रूप में मोटी रकम मिलते गया और उसे ब्याज देने वालों की संख्या बढ़ती गई। बीते 8 साल में उसके ग्राहक इतने बढ़ गए कि उसके पास तकरीबन 50 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा हो गया। आखिरकार एक दिन ऐसा समय आया कि हरीशंकर गुप्ता तकरीबन 50 करोड़ रुपए लेकर भूमिगत हो गया। जब लाभार्थियों को ब्याज की रकम तय समय में नहीं मिला तो वे हरीशंकर की तलाश शुरू कर दी। लेकिन वह अचानक भूमिगत हो गया। अब उसकी तलाश में लाभार्थी दर-दर भटकने मजबूर हो रहे हैं, लेकिन उसका पता नहीं चल रहा है। थक-हारकर निवेशक अब थाने के चक्कर काटने मजबूर हो रहे हैं, लेकिन हरीशंकर गुप्ता का पता नहीं चल पा रहा है।


ऐसे समझिए ब्याज का गणित – हरीशंकर ने पहले 20 से 30 ऐसे एजेंट बनाए जिन्होंने मार्केट से 3 प्रतिशत मासिक ब्याज देने का प्रलोभन देकर ग्राहक तलाश किए। मार्केट में इन्हें इतने ज्यादा ग्राहक मिलते गए कि उन्हें करोड़ों रुपए का टर्नओवर मिल गया। एजेंट ग्राहकों को दो प्रतिशत मासिक ब्याज देते थे और खुद एक प्रतिशत घर बैठे कमाते थे। हैरत की बात यह रही कि एजेंटों को 10-10लाख रुपए तक के ग्राहक मिलते गया, क्योंकि उन्हें 10 लाख रुपए में 30-30 हजार रुपए तक घर बैठे मिलता था। इससे उनकी ग्राहकी बढ़ते गई। जब हरीशंकर गुप्ता का नेटवर्क बढ़ा तो ५० करोड़ रुपए लेकर रफूचक्कर हो गया।
इन्होंने गंवाई मोटी रकम – शिकायकर्ता सुनिल शराब, निरंजन दुबे सहित अन्य के मुताबिक ठग करने वाला हरीशंकर गुप्ता ने तकरीबन 20 से 30 बड़े निवेषकों से 50 करोड़ रुपए लिए हैं। जिसमें एजेंटों ने मार्केट से भी बड़ी रकम जुटाई थी। क्योंकि 3 से 4 प्रतिशत मासिक ब्याज में कोई भी इन्हें मोटी रकम दे देता था। बताया जा रहा है कि चांपा सहित आसपास के सैकड़ों लोगों ने हरीशंकर के झांसे में आकर 50 करोड़ रुपए इन्वेस्ट किया था।
बैंक में बतौर कर्मचारी बनकर करता था काम – बताया जा रहा है कि हरीशंकर गुप्ता चांपा के यूनियन बैंक में बतौर एम्पलाई बनकर काम करता था। बकायदा वह काउंटर में बैठकर रकम लेना-देना करता था। इसके चलते लोगों में विश्वास था कि वह बैंक का कर्मचारी है। आखिर कैसे ठगी कर सकता है। उसके बैंक में रौब देखकर उसे आसानी से रकम दे देते थे। हरीशंकर भी ग्राहकों को बैंक से ही लेन-देन करता था। उसका कहना था कि वह शेयर मार्केट में पैसा इन्वेस्ट करता था और केसीसी लोन में बड़ा प्राफिट होता है कहकर लोगों से मोटी रकम इन्वेस्ट कराता था। इतना ही नहीं वह गोल्ड लोन दिलाने के नाम पर भी बड़ी रकम इन्वेस्ट कराता था। आखिरकार सभी ग्राहक ठगी के शिकार हो गए।
एजेंट अब भूमि बेचकर लौटा रहे रकम तो कोई अपनी प्रापर्टी बेच रहा– एजेंट सनील सराफ के मुताबिक वह भी इस फील्ड में बढ़-चढ़कर काम किया। कई ग्रहकों से वह भी मोटी रकम लिया था। अब छोटे ग्राहक उनके ऊपर चढ़ाई कर रहा। इसी तरह निरंजन महराज भी छोटे ग्राहकों से पैसे लिए थे। उनके ऊपर भी बड़ा दबाव है। वह भी अब अपनी जमीन बेचकर ग्राहकों का पैसा वापस कर रहा है। क्योंकि हरीशंकर का कुछ पता नहीं चल पा रहा है।
मामले की शिकायत आई है। एसपी आफिस में भी सदरी शिकायत हुई है। मामले में पीडि़तों का बयान लिया जाएगा। फिर धारा 420 के तहत जुर्म दर्ज किया जाएगा। फिलहाल मामले की डायरी एक सब इंस्पेक्टर को दिया है। वे जांच कर रहे हैं फिर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी –अशोक कुमार वैष्णव, टीआई चांपा …








