महाविद्यालय में इंडक्शन कार्यक्रम संपन्न, नई शिक्षा नीति और मूल्यांकन पद्धति की दी जानकारी …

चांपा। शासकीय एमएमआर पीजी महाविद्यालय चांपा में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, क्रेडिट सिस्टम, पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन पद्धति की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान कला संकाय के प्राध्यापक डॉ. डी.एन. बंजारे ने …

चांपा। शासकीय एमएमआर पीजी महाविद्यालय चांपा में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, क्रेडिट सिस्टम, पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन पद्धति की विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कला संकाय के प्राध्यापक डॉ. डी.एन. बंजारे ने विद्यार्थियों को डीएससी, डीएसई, जीई एवं वीएसी जैसे पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। डॉ. बी.आर. महिपाल ने क्रेडिट एवं मूल्यांकन पद्धति को सरल तरीके से समझाया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभारी डॉ. एस.पी. भारद्वाज ने विद्यार्थियों को परीक्षा प्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सैद्धांतिक परीक्षा के लिए 70 अंक तथा महाविद्यालय की आंतरिक परीक्षा के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। उन्होंने बताया कि उत्तीर्ण होने के लिए 40 अंक प्राप्त करना आवश्यक है।इस दौरान डॉ. सुनीता राठौर एवं डॉ. रमेश मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
वाणिज्य और विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को भी मिला मार्गदर्शन – वाणिज्य संकाय में डॉ. वी.एम. दांडेकर एवं डॉ. वी.के. शर्मा ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम एवं अध्ययन पद्धति की जानकारी दी। वहीं विज्ञान संकाय से डॉ. मीनाक्षी चंद्रा, डॉ. नीलिमा पांडे एवं डॉ. एल.पी. मिरी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी संकायों द्वारा एंबेसडर छात्र-छात्राओं का चयन भी किया गया। एंबेसडर विद्यार्थियों के माध्यम से महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.पी. खैरवार ने कहा कि विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम और नई शिक्षा नीति को समझने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मार्गदर्शन का कार्य निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने और नई शिक्षा नीति के तहत उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का बेहतर लाभ उठाने का आह्वान किया।
