कुपोषण के खिलाफ जमीनी जंग में जांजगीर-चांपा की पंचायतें अव्वल, तीन पंचायत होंगे पुरस्कृत …






जांजगीर-चांपा। जिले के लिए गौरव का विषय है कि ‘‘सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान’’ के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले की तीन ग्राम पंचायतों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के लिए किया गया है। चयनित पंचायतों को 2 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।


यह अभियान देश को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से नरेन्द्र मोदी द्वारा 26 दिसंबर 2024 को प्रारंभ किया गया था। अभियान का उद्देश्य ग्राम स्तर पर पोषण, स्वास्थ्य और जनभागीदारी को सशक्त बनाते हुए कुपोषण की समस्या में प्रभावी कमी लाना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर की 900 सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों एवं 100 वार्डों का चयन पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं वार्ड को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, ताकि पंचायतें कुपोषण के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभा सकें।
जांजगीर-चांपा जिले से परियोजना बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत हथनेवरा एवं सोनादह, तथा परियोजना जांजगीर अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्री का चयन किया गया है। सम्मान समारोह के दौरान संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच/पंच एवं एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतीकात्मक रूप से सम्मानित कर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।


प्रशासन का मानना है कि यह सम्मान जिले की पंचायतों द्वारा पोषण, स्वास्थ्य एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इससे अन्य पंचायतों को भी कुपोषण उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।





