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आईपीएल सट्टा कांड में राजनीतिक धमाका! युवा मोर्चा जिला महामंत्री चिराग केशरवानी की जमानत खारिज,पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल …

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जांजगीर-चांपा। आईपीएल क्रिकेट मैचों में अवैध सट्टा संचालन का मामला अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि सत्ता–संगठन–सिस्टम की सांठगांठ की ओर इशारा करने लगा है। सक्ती थाना क्षेत्र में उजागर हुए आईपीएल सट्टा कांड में जांजगीर जिले के शिवरीनारायण निवासी एवं युवा मोर्चा जिला महामंत्री चिराग केशरवानी की जमानत याचिका खारिज होना इस बात का प्रमाण है कि मामला जितना बताया जा रहा था, उससे कहीं अधिक गंभीर है।

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29 अप्रैल को सक्ती पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद सट्टा संचालक भूपेंद्र रोहरा को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों में रुपए-पैसे का दांव लगाकर सट्टा खिलाने की बात स्वीकार की। मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप चैट, डिजिटल लेन-देन और सट्टा नेटवर्क से जुड़े ऐसे साक्ष्य मिले, जिन्होंने पूरे नेटवर्क की पोल खोल दी। जांच आगे बढ़ी तो साफ हुआ कि सट्टे का यह खेल केवल सक्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य जिलों तक फैला एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। इसी नेटवर्क की कड़ी के रूप में युवा मोर्चा जिला महामंत्री चिराग केशरवानी का नाम सामने आया और अंततः उसकी गिरफ्तारी हुई हालांकि, यहीं से मामले ने संदेह और सवालों का नया मोड़ ले लिया। सक्ती पुलिस ने शुरुआत में केवल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी सार्वजनिक की, जबकि छठे आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर न तो फोटो जारी किया गया और न ही कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक रसूख के चलते जानकारी दबाने की कोशिश की गई? क्या किसी को बचाने के लिए तथ्यों को छिपाया गया?जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने आरोपी को कोई राहत नहीं दी और याचिका खारिज कर दी। यह फैसला न सिर्फ आरोपी के लिए झटका है, बल्कि उन सभी दावों पर भी सवालिया निशान है, जो मामले को हल्का बताने की कोशिश कर रहे थे।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोपी किसी राजनीतिक संगठन से न जुड़ा होता, तो क्या पुलिस का रवैया ऐसा ही रहता? आमजन यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर छठे आरोपी की पहचान सार्वजनिक करने से पुलिस क्यों बचती रही?
फिलहाल पुलिस विवेचना जारी होने की बात कह रही है, लेकिन यह मामला अब केवल सट्टा नहीं रहा— यह सिस्टम की पारदर्शिता, पुलिस की निष्पक्षता और राजनीतिक प्रभाव के दुरुपयोग का बड़ा इम्तिहान बन चुका है।

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