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बंगाल चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका के साथ मिला अनुभव, जिम्मेदारी ने दिया रणनीतिक मैदान में सीखने का मौका – अमर सुल्तानिया …

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जांजगीर-चाम्पा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए टीएमसी के भय, भूख और भ्रष्टाचार वाली सरकार को उखाड़ फेंका। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जो राज्य में कमल खिलने की पहली गौरवशाली गाथा है।इस महासमर में जांजगीर-चाम्पा जिले के भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया की सक्रिय और सुनियोजित भूमिका सामने आई है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्होंने क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के मार्गदर्शन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वर्धमान की दक्षिण सीट पर भाजपा प्रत्याशी मौमिता बिस्वास मिश्रा के लिए चुनावी मैदान में जोरदार मेहनत की जिसका परिणाम रहा कि वहाँ 30 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत मौमिता बिस्वास मिश्रा ने दर्ज की। अमर सुल्तानिया ने कहा की बंगाल चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका के साथ मिली जिम्मेदारी ने रणनीतिक मैदान में सीखने का मौका और बड़ा अनुभव दिया है।

पत्रकारों से चर्चा में अमर सुल्तानिया ने बताया कि इस जीत की असली ताकत बूथ स्तर पर तैयार की गई सूक्ष्म रणनीति रही। हर बूथ पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी स्पष्ट की गई थी। मतदाता सूची का गहन विश्लेषण, घर-घर संपर्क अभियान और मतदान दिवस की माइक्रो प्लानिंग ने निर्णायक भूमिका निभाई। बूथ प्रभारी से लेकर पन्ना प्रमुख तक की सक्रियता ने अंत तक मतदाताओं को जोड़े रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की आक्रामक रणनीति व जनसंवाद ने चुनावी माहौल को भाजपा के पक्ष में मोड़ दिया। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम ने बंगाल में संगठनात्मक आधार को सशक्त किया। चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सांसद मनोज तिवारी की रैलियों ने चुनावी माहौल को निर्णायक दिशा दी। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।।शीर्ष नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को 56 सीटों की जिम्मेदारी दी थी, जिनमें से 51 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। इसे उनकी रणनीतिक क्षमता और मजबूत बूथ मैनेजमेंट का परिणाम माना जा रहा है। चुनाव के दौरान इन सीटों पर पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के नेतृत्व में गठित दो टीमों ने समन्वित तरीके से काम किया, जिससे संगठन की पकड़ मजबूत हुई।

इस पूरे अभियान में वर्धमान जिले के 14 सीटों में छत्तीसगढ़ से बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रजनीश सिंह, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, विक्रांत सिंह, निरंजन सिन्हा, बाबूलाल अग्रवाल, कृष्णकांत चंद्रा, श्याम कृष्णा जायसवाल, जितेंद्र खांडे, महेंद्र चोपड़ा, संकल्प अग्रवाल, मोनू चौधरी, प्रदीप केंवट सहित अनेक कार्यकर्ताओं की मेहनत निर्णायक साबित हुई। इस संगठित प्रयास ने बंगाल में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ जनमत तैयार कर सुशासन की नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त किया।

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