करही हत्याकांड में पुलिस की निष्क्रियता पर भड़की कांग्रेस, 18 मई को एसपी कार्यालय का होगा घेराव …




जांजगीर-चांपा। बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में हुए सनसनीखेज गोलीकांड और आयुष कश्यप की मौत के मामले में अब सियासत तेज हो गई है। घटना को करीब 20 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कांग्रेस में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने 18 मई को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का बड़े पैमाने पर घेराव करने का ऐलान किया है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने गंभीर मामले में भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और जांजगीर-चांपा पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस केवल हवा-हवाई बयान दे रही है, जबकि ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर भी पुलिस के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
क्या है पूरा मामला
यह मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव का है, जहां तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने व्यवसायी एवं कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमलावरों ने घर में घुसते ही परिवार को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं।
इस हमले में बड़े बेटे आयुष कश्यप को दो गोलियां लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं छोटे बेटे आशुतोष कश्यप के दाहिने हाथ में गोली लगी। आयुष को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। बताया गया कि वारदात के दौरान बदमाशों ने घर के अन्य सदस्यों को कमरों में बाहर से बंद कर दिया था, ताकि कोई बाहर निकलकर मदद न मांग सके। गोली चलने की आवाज से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया।


कांग्रेस का आरोप – पुलिस नाकाम
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी न तो आरोपियों की पहचान हो सकी है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसी के विरोध में 18 मई को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचकर घेराव करेंगे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





