चांपा में राष्ट्र सेविका समिति का विजयादशमी उत्सव, नारी शक्ति और राष्ट्र सेवा का दिया संदेश …


चांपा। राष्ट्र सेविका समिति जिला जांजगीर द्वारा 22 अक्टूबर को सरस्वती शिशु मंदिर, चांपा में विजयादशमी उत्सव का आयोजन किया गया। दोपहर 3 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपरा, संगठन और नारी शक्ति के जागरण पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका, सामाजिक एकता और संस्कारों के संरक्षण को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता श्रीमती ममता शर्मा उपस्थित रहीं। मुख्य वक्ता प्रांत सह सेवा प्रमुख श्रीमती मंजू अजय दुबे ने बहनों को मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का संचालन इंजीनियर श्रीमती मंजूषा पाटले ने किया। इस अवसर पर जिला कार्यवाहिका लता निर्मलकर, विभाग कार्यवाहिका सरस्वती गवेल और चांपा नगर कार्यवाहिका अमृता पाण्डेय की भूमिका भी उल्लेखनीय रही।

शस्त्र पूजन से कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति का संदेश – विजयादशमी पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए शस्त्र पूजन को साहस, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र सेवा केवल विचारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए समाज और देश के हित में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया। महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना का विकास सामाजिक सशक्तीकरण के लिए आवश्यक बताया गया।

90 वर्षों की साधना को किया स्मरण – राष्ट्र सेविका समिति की 90 वर्षों की निरंतर साधना और राष्ट्र सेवा के संकल्प को रेखांकित करते हुए संगठनात्मक एकजुटता मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने, सामाजिक मूल्यों को सहेजने और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का मूल संदेश रहा कि सशक्त नारी, संगठित समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना देश के विकास और सामाजिक एकता की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।



