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होली पर शराब दुकानें खुली रखने के फैसले पर सियासी संग्राम, विपक्ष का विरोध, शराब प्रेमियों में खुशी …

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फाइल फोटो …

रायपुर/जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार ने इस वर्ष होली के दिन शराब दुकानों को बंद न करने का निर्णय लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। राज्य सरकार ने साफ किया है कि अब पूरे वर्ष में केवल 4 दिन ही ड्राई डे रहेंगे, जिनमें होली शामिल नहीं होगी।

इस फैसले के सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि होली जैसे सामाजिक और पारिवारिक पर्व पर शराब बिक्री की अनुमति देना गलत संदेश देता है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनस्वास्थ्य और सामाजिक सौहार्द की बजाय केवल राजस्व बढ़ाने की सोच रही है। विपक्ष ने मांग की है कि त्योहारों के दिन कम से कम शराब दुकानों को बंद रखा जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, शराब प्रेमियों और व्यवसाय से जुड़े लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका तर्क है कि ड्राई डे के दौरान अवैध शराब का कारोबार बढ़ जाता है, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ती है बल्कि सरकार को राजस्व का नुकसान भी होता है। शराब प्रेमियों का कहना है कि होली पर दुकानें खुली रहने से लोग गैरकानूनी तरीकों की ओर नहीं जाएंगे।

आबकारी विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ड्राई डे की संख्या सीमित करने का उद्देश्य अवैध शराब पर अंकुश लगाना और राज्य की आय में स्थिरता बनाए रखना है। हालांकि, सामाजिक संगठनों का एक वर्ग इस निर्णय को नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के खिलाफ बता रहा है।

कुल मिलाकर, होली पर शराब दुकानें खुली रखने का फैसला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है

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