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बिजली बिल राहत के नाम पर उलझन, मुख्यमंत्री समाधान योजना से उपभोक्ता निराश …

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चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना आम लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। योजना से भारी भरकम बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद लेकर समाधान शिविरों में पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अधिकांश लोगों का कहना है कि उन्हें विभिन्न कारण बताकर योजना के लाभ से वंचित कर दिया जा रहा है, जिससे सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जानकारी के अनुसार चांपा शहर के कई वार्डों में आयोजित समाधान शिविरों में उपभोक्ता अपने अधिक बिजली बिल को कम कराने पहुंचे, लेकिन पोर्टल में पात्रता नहीं होने का हवाला देकर आवेदन निरस्त कर दिए गए। एक उपभोक्ता ने बताया कि वह भारी भरकम बिजली बिल से परेशान होकर शिविर में गया था, लेकिन यह कहकर लौटा दिया गया कि उसे योजना का लाभ नहीं मिल सकता। ऐसे ही कई अन्य उपभोक्ताओं को भी निराशा हाथ लगी है।

सबको नहीं मिल सकता योजना का लाभइस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी जांजगीर-चांपा के डीई भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2023 को आधार मानकर ही बिजली बिल में राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मोर बिजली एप के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि उन्हें योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। साथ ही योजना को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए इसके प्रचार-प्रसार की बात भी कही गई।


भारी भरकम बिजली बिल से लोग परेशानराज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बिजली बिल को लेकर लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। खासकर मध्यम और निम्न वर्ग के उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अचानक कई गुना बढ़कर आ रहा है। उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बिजली बिल आधा होने से राहत मिल रही थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में वह सुविधा नहीं मिल पा रही है।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना को लेकर लोगों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। आमजन का कहना है कि यदि वास्तव में योजना जनहित में है, तो उसका लाभ अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि सरकार के दावों पर भरोसा कायम रह सके।

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