बैंकिंग सिस्टम पर बड़ा सवाल: फर्जी हस्ताक्षर कर 13 लाख की एफडी, ICICI बैंक चांपा कटघरे में …






🔴 नागपुर मुख्यालय से कॉल आने पर खुला मामला, खाताधारक ने थाने में दर्ज कराई शिकायत …


चांपा। आईसीआईसीआई बैंक की चांपा शाखा में सामने आए एक गंभीर मामले ने बैंकिंग व्यवस्था और ग्राहक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। खाताधारक मंजू रामचन्द्र रावत ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी, सहमति और लिखित अनुमति के बिना, फर्जी हस्ताक्षर कर उनके खाते से लगभग 13 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कर दी गई।


पीड़िता के अनुसार उनका खाता क्रमांक 177401502461 है और इस एफडी की उन्हें कोई सूचना तक नहीं दी गई। मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब नागपुर स्थित बैंक मुख्यालय से हस्ताक्षर मेल न होने को लेकर फोन आया। इसके बाद खुलासा हुआ कि उनके नाम से बिना सहमति बैंकिंग लेनदेन किया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि मामला उजागर होने के बाद बैंक के मैनेजर नितेश दुबे और कर्मचारी मंजित रोशन प्रधान उनके कार्यस्थल तक पहुंचे और गलती स्वीकार करते हुए प्रकरण को आपसी समझौते से दबाने का प्रयास किया। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने 27 अप्रैल को बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे बैंक प्रबंधन की भूमिका पर संदेह और गहरा गया।
कार्रवाई न होने से आहत होकर पीड़िता ने आज चांपा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फर्जी हस्ताक्षर करना सीधी-सीधी धोखाधड़ी है। आज बिना अनुमति एफडी कर दी गई, तो कल इसी तरह खाते से पैसे निकाल लेने की भी पूरी आशंका है। पीड़िता ने दोषी कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने की मांग की है। यह मामला सिर्फ एक खाताधारक तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या बैंकिंग संस्थानों में ग्राहकों की रकम और हस्ताक्षर वास्तव में सुरक्षित हैं या नहीं।
मामले पर चांपा थाना प्रभारी अशोक वैष्णव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






