


रायपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के लाखों टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से प्रभावित शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन पदाधिकारियों ने प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में कार्यरत शिक्षकों से जुड़ी टेट विसंगतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।


प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक एवं राजीव नयन शुक्ला ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में लाखों सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक वर्षों से शासकीय सेवा दे रहे हैं, किंतु टेट से जुड़ी कुछ तकनीकी विसंगतियों एवं नियमों के कारण उनके हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे शिक्षक एवं उनके परिवार लंबे समय से मानसिक व आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुना और फेडरेशन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार शिक्षकों की जायज मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि टेट से प्रभावित लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आगामी समय में केंद्र सरकार के समक्ष भी छत्तीसगढ़ की ओर से इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाएगा तथा केंद्र एवं राज्य स्तर पर सकारात्मक समाधान निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री से मिले इस ठोस और सकारात्मक आश्वासन के बाद फेडरेशन पदाधिकारियों एवं प्रदेश के लाखों शिक्षकों में न्याय की नई उम्मीद जगी है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बसंत कौशिक एवं राजीव नयन शुक्ला ने कहा कि यह मुलाकात छत्तीसगढ़ के टेट प्रभावित शिक्षकों के संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होगी।
इस अवसर पर फेडरेशन की ओर से राजीव नंदनी वर्मा, राजू टंडन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि एवं फेडरेशन के साथी विशेष रूप से उपस्थित रहे।





