


जांजगीर-चांपा। जिले के चौकी नैला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुड़पार में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के विरुद्ध दर्ज काउंटर अपराध को पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बाद झूठा पाए जाने पर खारिज कर दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता ने अपने विरुद्ध दर्ज मूल अपराध से बचने के लिए तथ्य छुपाकर झूठी जानकारी देकर काउंटर अपराध दर्ज कराया था।


पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर मामले की गंभीरता से जांच कराई गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली योगिता बाली खापर्डे के मार्गदर्शन में वैधानिक कार्रवाई की गई।
ग्राम मुड़पार में अमर सुल्तानिया का इथेनॉल प्लांट निर्माणाधीन है। पंचायत से प्रस्ताव पारित होने एवं सरपंच से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद रामसागर बांधा तालाब से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा था। इसी दौरान गांव के प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते बार-बार कार्य को रोकने का प्रयास किया जा रहा था।
दिनांक 18 मई 2026 की रात्रि लगभग 10 बजे आरोपियों द्वारा मौके पर पहुंचकर उत्खनन कार्य रोकते हुए अमर सुल्तानिया के कर्मचारियों लोचन प्रसाद मिरी एवं लोकेश कुमार भैना के साथ हाथ-मुक्का व डंडे से मारपीट की गई। इस संबंध में प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। अगले दिन जब आरोपियों को अपने विरुद्ध अपराध दर्ज होने की जानकारी मिली, तब उन्होंने चौकी नैला में अमर सुल्तानिया एवं उनके गार्ड पर मारपीट व गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए काउंटर अपराध दर्ज कराया।

पुलिस द्वारा घटनास्थल, आसपास के लोगों, वायरल वीडियो फुटेज एवं दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अमर सुल्तानिया या उनके किसी कर्मचारी द्वारा कोई मारपीट अथवा गाली-गलौज नहीं की गई। वीडियो फुटेज में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। यह भी पाया गया कि शिकायतकर्ता ने घटना वाले दिन दिए गए लिखित आवेदन में मारपीट या गाली-गलौज का कोई उल्लेख नहीं किया था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अपने विरुद्ध दर्ज अपराध से बचने के उद्देश्य से झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अमर सुल्तानिया एवं उनके गार्ड के विरुद्ध दर्ज अपराध को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के विरुद्ध उन्हीं धाराओं में पृथक से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





