


जांजगीर-चांपा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम लाखुर्री में खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।

इस आयोजन में कृषक रत्न से सम्मानित रामप्रकाश केशरवानी के सहयोग से कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर-चांपा, कृषि महाविद्यालय, कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग की विशेष सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए.पी. अग्रवाल रहे। विशिष्ट अतिथियों में ग्राम सरपंच श्रीमती लक्ष्मीन (कौशल) कर्ष, उपसंचालक कृषि राकेश शर्मा, केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. महंत, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. राजीव दीक्षित, डॉ. प्रदीप सिंह, डॉ. आशीष प्रधान, मंडी सचिव मदन यादव, सहकार भारती के अध्यक्ष शैलेंद्र केशरवानी, जिला अध्यक्ष कोरबा जितेंद्र साहू, जिला उपाध्यक्ष ललित देवांगन, प्रवक्ता गोविंद मिश्रा, महिला उद्यमी श्रीमती सविता पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के लाभ, रासायनिक खादों के दुष्प्रभाव, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हरिखाद उपयोग एवं जल संरक्षण विषय पर तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किए। किसानों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में वृक्षारोपण, पौध वितरण के साथ-साथ हरिखाद को बढ़ावा देने हेतु ढेंचा एवं मूंग के बीज किसानों को वितरित किए गए। कृषि महाविद्यालय के लगभग 40 छात्र-छात्राओं सहित कुल 140 से अधिक कृषक बंधुओं ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर रामप्रकाश केशरवानी ने सभी अतिथियों, किसानों एवं विद्यार्थियों को विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी विभागों, विशेषज्ञों, कृषकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।





