


चांपा। कोसा, कांसा और कंचन की नगरी चांपा की बेटी अमिता श्रीवास ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना लाखों लोग देखते हैं। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह कर अमिता ने न केवल चांपा और जांजगीर-चांपा जिले, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है।

8 हजार 848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराते हुए अमिता श्रीवास ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत हौसलों और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी ऊंचाई बड़ी नहीं होती। अत्यधिक ठंड, ऑक्सीजन की कमी और जानलेवा परिस्थितियों को मात देते हुए उन्होंने वह शिखर छुआ, जहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं होती। जैसे ही अमिता की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर चांपा पहुंची, पूरे नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। अमिता के गृह नगर लौटने पर रेलवे स्टेशन से ही उनके भव्य स्वागत का सिलसिला शुरू हो गया। नगरवासियों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच खुली जीप में बैठाकर पूरे शहर में नगर भ्रमण कराया। नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह नागरिकों ने अमिता का जोरदार स्वागत किया। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने फूल बरसाकर इस साहसी बेटी का सम्मान किया। पूरा शहर मानो अपनी बेटी की सफलता का उत्सव मना रहा था।


अमिता श्रीवास की यह उपलब्धि केवल एक पर्वतारोहण की सफलता नहीं, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं। उन्होंने यह संदेश दिया है कि कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आज चांपा की यह बेटी केवल अपने परिवार या शहर की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की शान बन चुकी है। माउंट एवरेस्ट की चोटी पर फहराया गया तिरंगा आने वाली पीढ़ियों को भी ऊंचे सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देता रहेगा।





