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चांपा भाजपा में महाविस्फोट: मंडल अध्यक्ष के खिलाफ खुली जंग, संगठन दो फाड़ …

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चांपा। भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक संकट अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत (चाबु) को हटाने को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, बल्कि दिन-ब-दिन और गहराता जा रहा है।
दो-तीन दिन पूर्व हुई पार्टी की आंतरिक बैठक में चांपा मंडल के पदाधिकारियों ने खुलकर मंडल अध्यक्ष का विरोध दर्ज कराया था। इस बैठक में नगर के समस्त वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद थे। बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में अब संगठनात्मक कार्य संभव नहीं है।

जिलाध्यक्ष के सामने खुला अल्टीमेटमसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस विवाद ने अब जिला स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच भाजपा कार्यालय में चांपा मंडल के समस्त पदाधिकारी और करीब 20 से 25 वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े से मुलाकात की। बैठक में सभी ने एक स्वर में मंडल अध्यक्ष के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और साफ कह दिया कि यदि उन्हें पद पर बनाए रखा गया, तो वे सामूहिक रूप से कार्य करने से इनकार करेंगे और इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

हाईकमान के पाले में गया फैसलाइतने व्यापक विरोध के बाद अब यह मामला पूरी तरह संगठन के उच्च नेतृत्व के पाले में चला गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब इस पर अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व और हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।

हस्ताक्षर अभियान की चर्चाप्राप्त गोपनीय जानकारी के अनुसार, मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत अपने पक्ष में माहौल बनाने के प्रयास में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि वे भाजपा कार्यकर्ताओं और कुछ नेताओं से मिलकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं और अपने समर्थन में वातावरण बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि सूत्रों का यह भी दावा है कि उनके साथ न तो कोई वरिष्ठ भाजपा नेता है और न ही मंडल के पदाधिकारी—वे केवल कुछ युवाओं के सहारे ही समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ की रायएक राजनीतिक विशेषज्ञ का कहना है कि जब पार्टी के भीतर इतना व्यापक और खुला विरोध हो, तो मंडल अध्यक्ष को स्वयं नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। इससे न केवल पार्टी की छवि बनी रहेगी, बल्कि भविष्य में उनका राजनीतिक कद भी बढ़ सकता है। विवाद से दूर रहना उनके लिए अधिक लाभकारी होगा।

नगर में चर्चा तेजफिलहाल चांपा में भाजपा की इस अंदरूनी कलह की चर्चा गली-मोहल्लों तक पहुंच चुकी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एक मंडल अध्यक्ष पूरे संगठन पर भारी पड़ेगा या पार्टी नेतृत्व समय रहते बड़ा फैसला लेकर संकट को थामेगा।
खबर सूत्रों के हवाले से है ….

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