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उधारी छुपाने के लिए रची चोरी की साजिश,खुली झूठी रिपोर्ट की पोल …

जांजगीर-चांपा। थाना अकलतरा पुलिस ने सतर्कता और तकनीकी जांच के दम पर चोरी की एक झूठी रिपोर्ट का पर्दाफाश करते हुए किराना व्यापारी द्वारा रची गई साजिश को बेनकाब कर दिया है। पुलिस ने व्यापारी के पास से ही 3 लाख 15 हजार 746 रुपये बरामद कर लिए हैं, जो उसने घरवालों के डर और उधारी छुपाने के लिए चोरी की फर्जी कहानी गढ़कर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

प्रार्थी चिराग अग्रवाल, निवासी तरौद, थाना अकलतरा ने 04 जून 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह होलसेल किराना व्यवसाय करता है। उसने बताया कि कमला नारायण राइस मिल से धान बिक्री के 3,15,746 रुपये लेकर स्कूटी की डिक्की में रखकर घर जा रहा था। रास्ते में शास्त्री चौक स्थित अरोरा मेडिकल में दवा लेने रुका, फिर सिंघानिया पेट्रोल पंप के पास से शिवा साहू को बैठाकर कन्हैया जनरल स्टोर गया। वहां से लौटकर घर पहुंचने पर स्कूटी की डिक्की से रुपये गायब मिले। रिपोर्ट के आधार पर थाना अकलतरा में धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान पुलिस ने अरोरा मेडिकल, कन्हैया जनरल स्टोर सहित पूरे मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कहीं भी चोरी की कोई घटना सामने नहीं आई। कन्हैया जनरल स्टोर संचालक और शिवा साहू के बयानों से भी यह स्पष्ट हुआ कि स्कूटी के आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं आया। साथ ही साइबर सेल की तकनीकी जांच में भी चोरी की कहानी पर संदेह गहराता गया।लगातार विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, जिसमें चिराग अग्रवाल टूट गया और उसने सच्चाई कबूल कर ली। उसने बताया कि उसकी खुद की उधारी हो गई थी और घरवालों के डर से उसने पूरे पैसे अपने पास रख लिए। बदनामी और पारिवारिक दबाव से बचने के लिए उसने चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।

पुलिस ने प्रार्थी की निशानदेही पर पूरी राशि 3,15,746 रुपये बरामद कर ली है। वहीं, झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में प्रार्थी के खिलाफ पृथक से वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, उप निरीक्षक बी.एल. कोसरिया तथा साइबर सेल से निरीक्षक सागर पाठक, आरक्षक प्रदीप दुबे और शाहबाज अहमद का सराहनीय योगदान रहा।

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