चांपा में राजेश अग्रवाल सहित कांग्रेस जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात, वंदे भारत का विस्तार और कोरबा से नई ट्रेनें शुरू करने की मांग …


चांपा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश के 1 अक्टूबर को चांपा-रायगढ़ रेलखंड के संरक्षा निरीक्षण के दौरान चांपा स्टेशन में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान चांपा रेलवे स्टेशन से जुड़ी यात्री सुविधाओं और क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को लेकर विभिन्न मांगें प्रमुखता से रखी गईं। इस अवसर पर इस अवसर पर शहर अध्यक्ष सुनील साधवानी, नेता प्रतिपक्ष हरीश पांडेय,उमेश तिवारी,पवन आर्य,हरीश श्रीवास,शिवदयाल कर्ष,तापस दत्ता,राजू शर्मा,राज सरोज सहित कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि चांपा रेलवे स्टेशन ए-श्रेणी का महत्वपूर्ण जंक्शन है और कोरबा तथा जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए प्रमुख रेल केंद्र है। इसके बावजूद यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने लंबित प्रस्तावों पर रेलवे स्तर से पहल करने का आग्रह किया।

गीतांजलि एक्सप्रेस का स्टॉपेज देने की मांग – मांगों में 12859/12860 गीतांजलि एक्सप्रेस का चांपा स्टेशन पर ठहराव प्रमुख रहा। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि चांपा में इस ट्रेन के स्टॉपेज का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजा जा चुका है और फिलहाल विचाराधीन है। उन्होंने महाप्रबंधक से रेलवे बोर्ड को स्मरण पत्र भेजकर प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई कराने तथा चांपा में ट्रेन का ठहराव दिलाने का आग्रह किया।
वंदे भारत का रायगढ़ या कोरबा तक विस्तार – प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का परिचालन रायगढ़ अथवा कोरबा तक विस्तारित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र के यात्रियों को तेज और सीधी रेल सेवा का अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।

कोरबा से हावड़ा और मुंबई के लिए नई ट्रेन की मांग – कांग्रेस नेताओं ने कोरबा से हावड़ा और कोरबा से मुंबई के बीच नई ट्रेन शुरू करने की मांग भी रखी। इसके अलावा बिलासपुर-इंदौर ट्रेन को कोरबा से प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी सामने रखा गया, ताकि कोरबा और आसपास के यात्रियों को इंदौर के लिए सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो सके।
लंबे समय से लंबित प्रस्तावों पर कार्रवाई का आग्रह – राजेश अग्रवाल ने कहा कि इन मांगों से जुड़े प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन हैं। ऐसे में रेलवे को क्षेत्र की यात्री जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लंबित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक से सभी मांगों को रेलवे बोर्ड के स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आग्रह किया।



