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छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने में हरेली तिहार का महत्वपूर्ण योगदान – जय थवाईत …

जांजगीर-चांपा। नगर पालिका अध्यक्ष जय थवाईत ने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है।छत्तीसगढ़ का लोक त्यौहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है।इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष जय थवाईत ने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन त्यौहार है, जिसे वहां के लोग बड़े धूमधाम से मनाते हैं। ‘हरेली’ शब्द का अर्थ हरियाली से है, और इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य हरियाली और खेती का महत्व उजागर करना है। यह त्यौहार मुख्यतः कृषि प्रधान समाज के लिए समर्पित है, जहां किसान अपने खेतों की अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। पूरे छत्तीसगढ़ में आज हरेली तिहार उत्साह के साथ मनाया ।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने में हरेली तिहार का महत्वपूर्ण योगदान है। यह त्यौहार न केवल कृषि और हरियाली का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। इसके माध्यम से लोग अपने पूर्वजों की धरोहर और परंपराओं को संजोए रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी इससे अवगत कराते हैं। इस प्रकार, हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और इसे बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

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