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चांपा भाजपा में खुला विद्रोह: मंडल अध्यक्ष हटाने पर अड़े पदाधिकारी, ‘‘या तो अध्यक्ष रहेंगे या हम नहीं’’ …

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चांपा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चांपा मंडल में संगठनात्मक संकट गहराता नजर आ रहा है। चांपा भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत (चाबु) के खिलाफ मंडल के पदाधिकारियों ने खुला मोर्चा खोल दिया है। मंडल के अधिकांश पदाधिकारी एकजुट होकर उनके नेतृत्व में काम करने से साफ इंकार कर चुके हैं।

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मंडल के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि “या तो वर्तमान मंडल अध्यक्ष को हटाया जाए, या फिर हम सभी पदाधिकारी अपने-अपने पदों से इस्तीफा देंगे।” इस अल्टीमेटम के बाद भाजपा संगठन में हड़कंप मच गया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आज शिशु मंदिर चांपा में मंडल एवं वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मौजूद मंडल के सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में वर्तमान मंडल अध्यक्ष के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और उन्हें पद से हटाने की मांग की। पदाधिकारियों का आरोप है कि मंडल अध्यक्ष न तो संगठन को विश्वास में लेते हैं, न ही किसी निर्णय की जानकारी देते हैं। वे अपने मनमाने तरीके से काम करते हैं और वरिष्ठ पदाधिकारियों तक को कोई महत्व नहीं देते। पदाधिकारियों का कहना है कि जब से वे मंडल अध्यक्ष बने हैं, संगठन में सामंजस्य खत्म हो गया है।
सूत्रों का दावा है कि बैठक के दौरान मंडल के सभी पदाधिकारियों ने रजिस्टर में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिसमें सर्वसम्मति से मंडल अध्यक्ष को हटाने की मांग की गई। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर सभी ने हस्ताक्षर किए हैं और इसे भाजपा जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश अध्यक्ष तक भेजने की तैयारी है।

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महत्वपूर्ण बात यह रही कि यह पूरा विरोध वर्तमान मंडल अध्यक्ष की मौजूदगी में हुआ, जिससे बैठक का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी पदाधिकारियों की नाराजगी को गंभीरता से सुना और सहमति जताते हुए प्रस्ताव दर्ज कराया। बैठक के बाद से ही चांपा भाजपा में तीखी चर्चा का दौर जारी है, और यह मामला अब गली-मोहल्लों तक चर्चा का विषय बन चुका है। संगठन के भीतर यह सवाल उठने लगा है कि इतने व्यापक विरोध के बाद क्या मंडल अध्यक्ष पद पर बने रह पाएंगे, या पार्टी नेतृत्व उन्हें हटाने का फैसला करेगा।

फिलहाल यह पूरा मामला सूत्रों के हवाले से सामने आया है, लेकिन इतना तय है कि चांपा भाजपा इस समय भीतरी कलह और नेतृत्व संकट के दौर से गुजर रही है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व का निर्णय चांपा की राजनीति की दिशा तय करेगा।

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