


जांजगीर-चांपा। जिले के श्रमिकों को रोजगार का झांसा देकर तमिलनाडु राज्य के तिरुवल्लूर जिले अंतर्गत देवांद्वकाम ग्राम ले जाया गया था, जहां उनसे उचित मजदूरी दिए बिना जबरन कार्य कराया जा रहा था। मामले की शिकायत मिलते ही तिरुवल्लूर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी श्रमिकों को रेस्क्यू कर मुक्त कराया।


मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने तत्काल संज्ञान लिया। जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन ने तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिला प्रशासन एवं स्थानीय अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर श्रमिकों की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक समन्वय स्थापित किया। इसके पश्चात स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित एनजीओ के सहयोग से श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

कलेक्टर ने श्रमिकों से की सीधी बातचीत – रेस्क्यू के दौरान कलेक्टर ने स्वयं श्रमिकों से दूरभाष पर चर्चा कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है और उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए।
तिरुवल्लूर जिला प्रशासन द्वारा मुक्त कराए गए श्रमिकों को भोजन, यात्रा टिकट एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई है। साथ ही उन्हें अवमुक्ति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए हैं। जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों की सुरक्षित वापसी तक निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
श्रम पदाधिकारी समीर मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार श्रमिकों और तमिलनाडु के अधिकारियों के संपर्क में है। श्रमिकों के उनके गृह ग्राम पहुंचने तक समुचित समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके साथ ही श्रमिकों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से श्रमिकों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।





