



चांपा। आईपीएल क्रिकेट का दौर 28 मार्च से शुरू हो चुका है। सटोरिए हर रोज के मैच में अब हर बाल में लाखों के दांव लगा रहे हैं। साथ ही बैकों में ट्रांजक्शन का दौर भी बढ़ते क्रम में रहेगा। क्योंकि लेन-देन बैंक खाते के माध्यम से होना है। वहीं सटोरिए ऑनलाइन के माध्यम से सट्टा खिलवाना शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में सट्टी की राजधानी के नाम पर चर्चित सक्ती जिला काफी सुर्खियों में रहता है। यहां प्रदेश स्तर के सट्टा संचालकों का सिंडीकेट है। सूत्रों का तो यह भी कहना है कि यहां हर चौथे घरों में एक क्रिकेट सटोरिया है। बीच में एसपी अंकिता शर्मा थीं तब दो साल तक सटोरियों की एक भी नहीं चली। सटोरिए बाहर के बड़े शहरों में जाकर होटलों में ठहरकर करोड़ों के दांव लगवाते थे। लेकिन वही सटोरिए अब फिर शहर में ही दांव लगवाना शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि 28 मार्च के शुरुआती दिनों से ही यहां के बड़े सटोरिए अपने अपने निचले स्तर के सटोरियों को आईडी बांट चुके हैं और ऑनलाइन गेम संचालित करा रहे हैं। सूत्रों की माने तो प्रदेश में सबसे बड़ा सट्टा सक्ती शहर में चलता है। शहर के नक्शेकदम में क्षेत्र के गांवों में भी सटोरिया दांव लगाने पीछे नहीं हट रहे हैं।


दूसरे क्रम में चांपा नगरी – इसी तरह दूसरे क्रम पर कोसा कांसा कंचन की नगरी में दांव लगाते हैं। यहां भी हर दिन करोड़ों रुपए का सट्टा होता है। यहां भी गली कूचों में करोड़ों का दांव लगता है। शाम 7:30 बजे के बाद सटोरिए भूमिगत हो जाते हैं और उनका मोबाइल बिजी बताने लगता है। फिर रात १२ बजे के बाद उनका मोबाइल ऑन मोड में आता है। पहले खुलेआम डॉट पेन से सटोरिया दांव लगाते थे लेकिन अब ऑनलाइन गेम संचालित होता है। जिसे पकड़ पाना पुलिस वालों के लिए कठिन होता है।


कोई कंगाल तो कोई रातों रात करोड़पति – आईपीएल क्रिकेट दौर के दौरान बड़ी बड़ी घटनाएं सामने आती है। मैच के दौरान कोई युवा रातों रात करोड़पति बन जाता है तो कई लोग घर को कंगाल कर देता है। करोड़पति बेटों के बिगड़े नवाबों की हरकतों से घर भी पूरी तरह से कंगाल हो जाता है। ऐसे कई घर देखने को मिला है। जिनके पुत्रों ने घरों को तबाह कर दिया है। किसी को घर को बेचना पड़ गया है तो कोई रातों राम मर्सीडीज की सवारी करता है।








