विधायक व्यास कश्यप का सत्याग्रह समाप्त, प्रशासन ने 15 दिन में समाधान का दिया आश्वासन …





जांजगीर-चांपा। जिले में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने राज्य सरकार, जिले के प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट गेट के सामने एक दिवसीय सत्याग्रह (अनशन) शुरू कर दिया।प्रशासन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन विधायक और उनके समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया।


विधायक व्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार, जिले के प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री ओपी चौधरी तथा जिला प्रशासन द्वारा उनके विधायकीय अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक दिवसीय सत्याग्रह है, जिसमें वे अन्न-जल त्याग कर चिलचिलाती धूप में बैठे रहेंगे और जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। सत्याग्रह को कांग्रेस संगठन और विधायकों का समर्थन भी मिला। मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह तथा जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू भी पहुंचे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में लगातार विधायकों की उपेक्षा हो रही है, जिसे सदन में भी उठाया गया है। यदि यही रवैया जारी रहा तो पूरे प्रदेश में कांग्रेस विधायक संयुक्त आंदोलन करेंगे। कलेक्ट्रेट गेट के सामने सत्याग्रह के दौरान विधायक व्यास कश्यप धूप में अनशन पर बैठे रहे, जबकि उनके समर्थक काले छाते लेकर समर्थन जताते नजर आए। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए रहे।




करीब चार घंटे तक चले सत्याग्रह के बाद प्रशासन ने पहल करते हुए विधायक से चर्चा की। अतिरिक्त कलेक्टर ज्ञानेंद्र ठाकुर ने राजस्व व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में विधायक से वार्ता की, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप भी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से विधायक की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद विधायक ने सत्याग्रह समाप्त करने की घोषणा की।

सत्याग्रह समाप्त करते हुए विधायक व्यास कश्यप ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं होतीं और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है और अगली बार सभी विधायकों के साथ मिलकर आंदोलन करने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जांजगीर-चांपा जिले की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि 15 दिनों के भीतर मांगों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।






