


जांजगीर-चांपा। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम को बदनाम करने वाले वायरल ऑडियो मामले में जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है। ग्राम पंचायत पचरी में हितग्राहियों से आवास योजना के नाम पर राशि मांगने के कथित ऑडियो के मामले में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संज्ञान लेते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नवागढ़ में पदस्थ व्यायाम शिक्षक नलसाय दिवाकर के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि वायरल ऑडियो को संबंधित शिक्षक ने स्वयं का होना स्वीकार किया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जांजगीर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अनुसार पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से राशि मांगने की बात प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक शासकीय सेवक द्वारा पंचायत के कार्यों में दखल देना और हितग्राहियों से पैसे की मांग करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह पद की गरिमा और दायित्वों के भी प्रतिकूल है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में निर्देश दिए गए हैं कि पत्र प्राप्ति के दो दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करें, अन्यथा नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज़ हो गई है। वहीं, यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की आड़ में अवैध वसूली करने वालों पर कब तक जनता का भरोसा टूटता रहेगा? जिला प्रशासन का यह कदम साफ संकेत देता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





